The Amazing Facts

, / 394 0

स्वामी विवेकानंदजी के जीवन का प्रेरक प्रसंग

SHARE

Swami Vivekanada

Swami Vivekananda : विवेकानंद एक ऐसे व्यक्तिमत्व है जो देश के हर युवा के लिये आदर्श बन सकते है. प्राचीन भारत से लेकर वर्तमान समय तक यदि किसी शक्सियत ने भारतीय युवाओ को सबसे ज्यादा प्रभावित किया है तो वो है स्वामी विवेकानंद.

विवेकानंद की कही एक भी बात पर यदि कोई अमल कर ले तो शायद उसे कभी जीवन में असफलता व् हार का मुह न देखना पड़े. आइये आज स्वामी विवेकानंदजी के जीवन के प्रेरक प्रसंग के बारे में जानते है.

  • एक बार स्वामी विवेकानंद हिमालय की यात्रा पर थे तभी उन्होंने वहा एक वयोवृद्ध आदमी को देखा जो बिना कोई आशा लिये अपने पैरो की तरफ देख रहा था और आगे जानेवाले रास्ते की तरफ देख रहा था.
  • तभी उस इंसान ने स्वामीजी से कहा, “हेल्लो सर, अब इस दुरी को कैसे पार किया जाये, अब मै और नही चल सकता, मेरी छाती में दर्द हो रहा है.” स्वामीजी शांति से उस इंसान की बातो और सुन रहे थे और उसका कहना पूरा होने के बाद उन्होंने जवाब दिया की,

“निचे अपने पैरो की तरफ देखो. तुम्हारे पैरो के निचे जो रास्ता है वो वह रास्ता है जिसे तुमने पार कर लिया है और यह वही रास्ता था जो पहले तुमने अपने पैरो के आगे देखा था, अब आगे आने वाला रास्ता भी जल्द ही तुम्हारे पैरो के निचे होंगा.”

स्वामीजी के इन शब्दों ने उस वयोवृद्ध इंसान को अपने लक्ष्य को पूरा करने में काफी सहायता की.

आगे जानिए व्हाट्सअप निर्माता ब्रायन ऐक्टन की कहानी 

NEWS से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें  Facebook और Google+ पर ज्वॉइन  करें…

Leave A Reply

Your email address will not be published.

PASSWORD RESET

LOG IN