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अरविंद केजरीवाल की जीवनी | Arvind Kejriwal Biography in Hindi

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Arvind Kejriwal
पूरा नाम अरविंद गोबिंद राम केजरीवाल
जन्म        16 अगस्त 1968
जन्मस्थान  सिवानी, हरियाणा, भारत
पिता        गोबिंद राम केजरीवाल
माता        गीता देवी
पत्नी सुनीता केजरीवाल
पुत्र पुलकित
पुत्री हर्षिता
शिक्षा आई.आई.टी मैकेनिकल इंजीनियरिंग
व्यवसाय भारतीय राजनेता
नागरिकता/राष्ट्रीयता भारतीय

 

भारतीय राजनेता अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal Biography in Hindi) :

अरविन्द केजरीवाल एक समाज सेवी और दिल्ली के वर्तमान मुख्यमंत्री हैं। जो दिल्ली के 7 वें मुख्यमंत्री हैं। अन्ना हजारे का ‘जन लोकपाल बिल आंदोलन’ से भारतीय राजनीति में सक्रिय कदम रखने वाले अरविंद केजरीवाल ने पूरे देश का ध्यान अपनी तरफ़ खींच लिया था और इस आंदोलन के बाद अपनी राजनीतिक पार्टी बनाई जिसका नाम ‘आम आदमी पार्टी’ (AAP) हैं, जिसका अध्यक्ष भी केजरीवाल ही है। Indian Politician Arvind Kejriwal

 

प्रारंभिक जीवन (Arvind Kejriwal Early Life) : 

केजरीवाल का जन्म 16 अगस्त 1968 को हरियाणा राज्य के हिसार जिले के सिवानी गांव में हुआ था। गोविंद और गीता केजरीवाल उनके पिता और माता हैं। वे अपने तीन भाई-बहनों में सबसे बड़े हैं। उनके पिता भी एक इंजीनियर थे। जिन्होंने पिलानी के बिड़ला इंस्टीट्‍यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस से डिग्री ली थी।अरविंद का बचपन सोनीपत, मथुरा और हिसार में बीता। Arvind Kejriwal Biography in Hindi

 

शिक्षा (Arvind Kejriwal Education) :

अरविंद बचपन में हिसार में स्थित कैंपस स्कूल और इसके बाद सोनीपत में स्थित क्रिस्चियन मिशनरी स्कूल के छात्र रहे, इन्होंने यहाँ से अपनी स्कूली पढाई पूरी की। 1989 में आई.आई.टी खड़गपुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की डिग्री, प्राप्त की और बाद उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) में भी अपनी सफलता दर्ज की और आईआरएस अधिकारी के रूप में कार्य करने के लिए नियुक्त हुए। Arvind Kejriwal Biography in Hindi

 

निजी जीवन (Arvind Kejriwal Married Life) :

अरविंद का विवाह सुनीता से हुआ, जो खुद भ‍ी एक आई.आर.एस अधिकारी हैं। और फिलहाल आयकर विभाग में अतिरिक्त आयुक्त हैं। इस दम्पति के दो बच्चे हैं, जिनसे एक बेटी हर्षिता और बेटा पुलकित है। Arvind Kejriwal Biography in Hindi  

 

शुरुआती करियर (Arvind Kejriwal Starting Career) :

आईआईटी खड़गपुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिग्री हासिल करने के बाद इन्होंने 1989 में टाटा स्टील से अपना करियर शुरू किया। इनकी पोस्टिंग जमशेदपुर की गयी थी। 3 वर्ष यहाँ कार्य करने के बाद 1992 में इन्होंने अपना पहला इस्तीफा दिया, ताकि सिविल सर्विस की तैयारी कर सकें।

सिविल सर्विसेज की परीक्षा पास करने के बाद 1995 में आयकर विभाग में अरविंद केजरीवाल जॉइंट कमिश्नर नियुक्त हुए। उन्होंने अपने उस पद पर आसीन होकर बेहद ईमानदारी से अपना कर्म किया। अरविंद केजरीवाल का मानना था, कि यदि आयकर विभाग में कोई व्यक्ति ईमानदारी और सच्चाई से काम करें तो सभी उनका साथ निभाते हैं, परन्तु वहाँ भी भ्रष्टाचार ने अपनी जड़ें फैलानी शुरू कर दी थी।

अरविंद केजरीवाल को अपने 18 महीने और उस में आने वाली छुट्टियों में मिला सभी वेतन मिला लेना चाहिए, जिससे 3 साल पूरे हो जाते हैं। इन मतभेदों के चलते बहुत समय हो चुका था। जिसके बाद अरविंद केजरीवाल ने अपने कुछ मित्रों से कर्जा लेकर प्रशासन को कुछ रुपए देकर अपनी नौकरी छोड़ दी। Arvind Kejriwal Biography in Hindi

2003 में उन्होंने फिर से आयकर विभाग को ज्वाइन कर लिया और लगभग 1 साल 6 महीने तक नौकरी की, उन्होंने देश के भ्रष्टाचार की परिस्थिति को सुधारने के लिए फिर से नौकरी से इस्तीफ़ा दे दिया। उसके बाद वे पूरी तरह से परिवर्तनशील संस्था में शामिल हो गए।

देश में बढ़ते भ्रष्टाचार को देखने के बाद अरविंद केजरीवाल ने आरटीआई के मुद्दे को जनता के बीच में लाकर खड़ा कर दिया। जिसके तहत देश की जनता को यह अधिकार था, कि वह देश में हो रहे किसी भी कार्य को लेकर सरकार से सवाल जवाब कर सकती है।

 

सामाजिक कार्य (Arvind Kejriwal social work) :

उन्होंने जनलोकपाल बिल पास कराने के लिए अन्ना हजारे के नेतृत्व में उनका साथ दिया। देश की जनता में आर.टी.आई को लेकर बिल्कुल भी जागरूकता नहीं फैली थी। जिसको जनता में फैलाने का काम अरविंद केजरीवाल जी ने किया। सामाजिक कार्य को करने के लिए उनके दिल में एक अलग सी ज्योति जागृत हो चुकी थी। 

उस दौरान शांति भूषण, प्रशांत भूषण, संतोष हेगड़ेकिरण बेदी जैसे दिग्गज लोगों के साथ इस आंदोलन को पूरे देश में फैला दिया। इस दौरान सामाजिक चोला छोड़कर कब उन्होंने राजनीतिक चोला पहनने की ठान ली इस बात का पता उन्हें भी नहीं लगा। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि इस कीचड़ को साफ करना भी हम देशवासियों का काम है। अतः आंदोलन के साथ साथ एक स्वस्थ सक्रीय राजनीति की भी आवश्यकता होती है। 

 

राजनीतिक करियर (Arvind Kejriwal Political Career) :

अरविंद केजरीवाल से अन्ना हजारे से अलग रास्ता चुना और अपना एक अलग रास्ता बनाते हुए, उनसे बिल्कुल अलग हो गए। परंतु अब तक अरविंद केजरीवाल के ऊपर पूरी तरह राजनीतिक चोला कब्ज़ा कर चुका था। इसी दौरान महात्मा गांधी जी के जन्मदिन की तिथि के उपलक्ष में उन्होंने 2012 को अपनी खुद की राजनीतिक पार्टी ‘आम आदमी पार्टी’ (AAP) का निर्माण किया। Founder of Aam Aadmi Party

 

केजरीवाल दिल्ली के मुख्यमंत्री बने (Kejriwal Became First Time CM of Delhi) :

दिल्ली विधानसभा चुनाव 2013 में हुए दिल्ली के चुनावों में उन्होंने चुनाव लड़ा और इनके विरोधी थी उस समय की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित। इस चुनाव में केजरीवाल ने श्रीमती दीक्षित को 25864 वोटो से हराया। इस चुनावों में दिल्ली में आम आदमी पार्टी ने अच्छी जीत दर्ज की। Arvind Kejriwal Chief Minister of Delhi

आम आदमी ने दिल्ली के 70 सीटो में से 28 सीटो पर विजय प्राप्त की। इस चुनाव में बीजेपी दूसरी बड़ी पार्टी बनकर उभरी जबकि कांग्रेस 3 पर रही। बाद में आम आदमी पार्टी के नेतृत्व में अरविन्द केजरीवाल दिल्ली के मुख्यप्रधान बने। केजरीवाल पहले कार्यकाल में 48 दिनों तक दिल्ली के मुख्यमंत्री रहें। 

 

दूसरी बार दिल्ली के मुख्यमंत्री बने (Kejriwal Became Second Time CM of Delhi) :

दिल्ली विधानसभा चुनाव 2015 में अरविन्द केजरीवाल ने 70 सीटो में से 67 सीटो में रिकार्ड जीत दर्ज की और पार्टी ने बहुमत हासिल किया तथा 14 फरवरी 2015 को दूसरी बार दिल्ली के मुख्यमंत्री बने। अपने कार्यकाल के समय बिजली की कीमतों में 50% की छुट की घोषणा की। बाद में केजरीवाल ने दिल्ली पुलिस और गृह मंत्रालय के खिलाफ धरना भी दिया। केजरीवाल ने कई बड़े कंपनीज के खिलाफ अपना उग्र रवैया अपनाया। समाज सेवा के दौरान उनके लिये लोकपाल बिल भी एक मुद्दा रहा।

 

तीसरी बार दिल्ली के मुख्यमंत्री बने (Kejriwal Became Third Time CM of Delhi) :

दिल्ली विधानसभा चुनाव 2020 में अरविन्द केजरीवाल 16 फरवरी 2020 को तीसरी बार बहुमत से दिल्ली के मुख्यप्रधान बने।

 

विवाद (Arvind Kejriwal Controversy) :

आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल ने पार्टी का घोषणा पत्र जारी करते हुए, यह बयान दिया कि कोई भी हिंदू कांग्रेस को वोट देने नहीं जा रहा है। सिर्फ मुसलमान ही है, जो पार्टी को बचाए हुए हैं। कांग्रेस नेताओं को अरविंद केजरीवाल की यह बात बिल्कुल भी पसंद नहीं आयी।

संदीप दीक्षित जो कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में से एक है। उन्होंने अरविंद केजरीवाल के इस विवादास्पद बयान पर शिकायत दर्ज की है। संदीप दीक्षित ने अपनी शिकायत में केजरीवाल के खिलाफ क्यों मांग भी की है, कि केजरीवाल सांप्रदायिक आधार पर चुनावों में जीतने के लिए वोट मांग कर रहे हैं और लोगों धर्म के आधार पर बांट रहे है।

इसी के साथ साथ कांग्रेश प्रदेश प्रतिनिधि मंडल ने भी चुनाव आयोग से यह मांग भी करी है, कि अरविंद केजरीवाल के द्वारा इस प्रकार के सांप्रदायिक, जातिवाद और धर्म के बंटवारे पर भड़काऊ भाषणों को देखते हुए इनके प्रचार को सभी राज्यों में रोक देना चाहिए।

 

अरविंद केजरीवाल की किताबें  :

  • स्वराज 2012 (Arvind Kejriwal Book Swaraj)

 

पुरस्कार और सम्मान (Arvind Kejriwal The Honour) :

  • 2004 में उन्हें सामाजिक सहभागिता के लिए अशोक फेलो अवार्ड से नवाजा गया।
  • 2005 में आईआईटी कानपुर, सरकार पारदर्शिता में लाने के लिए सत्येंद्र दुबे मेमोरियल अवॉर्ड से नवाजा से नवाजा गया।
  • 2006 में उन्होंने ‘रमन मैग्सेसे अवार्ड’ से नवाजा से नवाजा गया।
  • 2009 में आईआईटी खड़गपुर में उन्हें विशिष्ट छात्र नेतृत्व के रूप में अवार्ड दिया गया।

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