The Amazing Facts

ब्रह्मा कुमारी शिवानी की जीवनी | Brahma Kumari Shivani Biography in Hindi

SHARE
, / 1396 0
Brahma Kumaris Shivani
Brahma Kumari Shivani
नाम शिवानी वर्मा
जन्म 19 मार्च 1972
जन्मस्थान पणे, महाराष्ट्र, भारत
पतिविशाल वर्मा
व्यवसायउपदेशक और आध्यात्मिक गुरु
पुरस्कारनारी शक्ति पुरस्कार
राष्ट्रीयता भारतीय

 

आध्यात्मिक गुरु ब्रह्मा कुमारी शिवानी (Brahma Kumari Shivani Biography in Hindi) :

शिवानी वर्मा यानी की ब्रह्मा कुमारी शिवानीजी अध्यात्मिक संस्था ब्रह्मा कुमारी ईश्वरिय विश्‍व विद्यालय की शिक्षिका है। वह बी के शिवानी के रूप में भी जनि जाती है। बी के शिवानी ने 2008 मे ‘Awakening With Brahma Kumaris’ नाम का एक टी.वी. प्रोग्राम मे पहली बार विश्व के लिए सेवा कार्य की शुरुआत की। ब्रह्मा कुमारी शिवानी को ‘वीमेन ऑफ़ द डिकेड अचीवर अवार्ड’ का सम्मान भी मिला है। Spiritual Master Of Brahma Kumari Shivani

 

प्रारंभिक जीवन (Brahma Kumari Shivani Early Life) :

बी के शिवानी का जन्म 19th मार्च 1972 को पणे, महाराष्ट्र, भारत में हुआ। उनका परिवार शुरू से ही बहोत धार्मिक प्रवृर्ति के थे। वह अपने माता पिता के साथ ब्रह्मा कुमारी विश्व विद्यालय में व्याख्यान सुनने जाया करती थी। व्याख्यान उन्हें बहुत पसंद था, क्योंकि जो भी व्याख्यान होते थे, वो बहुत ही धर्मोपदेश और उपयोगी हुआ करते थे। इसलिए उस तरह की संस्था की तरफ शिवानीजी का झुकाव बढ़ता गया चला गया।

 

शिक्षा (Brahma Kumari Shivani Education) :

शिवानीजी ने 1994 में महाराष्ट्र के पुणे शहर के विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में गोल्ड मैडल जके साथ अपना बेचलर पूर्ण किया। बाद में उन्होंने पुणे के ‘भारती विद्यापीठ कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग’ में कालेज के अध्यापक के रूप में दो वर्ष कार्य किया। Brahma Kumari Shivani Biography in Hindi

 

विवाह जीवन (Brahma Kumari Shivani Married Life) :

शिवानीजी ‘ब्रह्माकुमारी संस्था’ में सम्पूर्ण जुड़ने से पहले विशाल वर्मा नाम के एक युवक के साथ उन का विवाह हो गया था, और वह अपने पति के साथ बिज़नेस भी चला रही थी। उनका यह मानना था की, आध्यात्मिक जीवन सामान्य जीवन से अलग नहीं हो सकता। कई लोग इसे अलग तरह के जीवन देखते है।

शिवानीजी के अनुसार जो हमारी अंतर आत्मा के अच्छे गुण है जैसे सुख, आमान, प्रीति जैसे हमारे व्यवहार हमारे व्यक्तित्व में लाना ही आध्यात्मिक जीवन है। लेकिन हाल के ज़माने में लोग इस गुण को भूलते जा रहे है। जिस लिए समाज दिन प्रतिदिन टेंशन, दर और कष्ट से घिरते जा रहे है।

 

शिवानीजी का आध्यात्मिक जीवन (Spiritual Life of BK Shivaniji) :

शिवानीजी के माता और पिता दोनों ब्रह्माकुमारी संस्था से जुड़े हुए थे लेकिन फिर भी शिवानी को आध्यात्मिक जीवन में जरा भी रूचि नहीं थी। लेकिन उसकी माता का हमेशा यह इच्छा रहती थी, की शिवानी को भी ब्रह्माकुमारी केन्द्र जाना चाहिए और ध्यान सीखना चाहिए। Brahma Kumari Shivani Biography in Hindi

शिवानीजी के बचपन के दिनों में बहोत जिद्दी स्वभाव होने के कारण उनकी माता का यह मानना था की वह आध्यात्मिक जीवन को जाने, इसीलिए उनकी माता जितना उनको ब्रह्माकुमारी केन्द्र में जाने के लिए कहती वे इतना ही इस केंद्र से दूर भागती थी। शिवानीजी का मानना था, कि फ़िलहाल मेरी लाइफ अच्छी ही है और मेरी लाइफ में बदलाव करने की कोई जरुरत नहीं लगती।

लेकिन कुछ वर्षो के बाद शिवानीजी ने अपनी माता के प्रकृति और स्वभाव में बदलाव दिखने लगा, जैसे की साधारणत: माताएं उनके बालको के लिए छोटी बातों से परेशान होते है, बच्चो के लिए चिंतित होते हे, लेकिन यह सब स्वभाव उनकी माता में नहीं दिखने लगा और मोह बन्धनोंसे अगल जीवन दिखाई देने लगा।

शिवानीजी को यह महसूस होने लगा की उनकी माता भावनात्मक रूप से पहले की तुलना में कई ज्यादा गुना जिम्मेवार हो गयी है। वें उनके संतान की तनाव से चिंता करने की बदले में उन्हें अति भावुक शैली से निपटाती है। Brahma Kumari Shivani Biography in Hindi

शिवानीजी ने अपनी माता के आचरण में इस तरह का बदलाव देखकर प्रयोग करने के लिए उसने भी ध्यान करना शुरू कर दिया। बाद में समय बीतने के साथ धीरे-धीरे शिवानीजी की अध्यात्म में रूचि बढ़ने लग गई, और 1995 के साल में शिवनी संपूर्ण रूप से ब्रह्माकुमारी संस्था से जुड़ गई।

जब ‘में’ को ‘हम’ से बदल दिया जाता है,

तब मनुष्य की ‘कमजोरी’ भी ‘तंदुरुस्ती‘ में बदल जाती है।

बाद में शिवानीजी ने सोनी टीवी के लिए शुरुआत में दिल्ली में ब्रह्मकुमारी टेलीविजन कम्पनीओ के पीछे काम करना शुरू कर दिया। बाद में 2007 में शिक्षक के तौर पर, उन्हें देखनेवालों को खुद का सवाल पूछने को कहा गया था। इसीलिए एक टीवी कार्यक्रम की शुरुआत हुई जिसका नाम है, ‘Awakening with Brahma Kumaris’ इस कार्यक्रम का नेतृत्व शिवानीजी को दिया गया, इससे ब्रह्माकुमारी शिवानीजी का इंटरव्यू को होस्ट कनुप्रियाजी ने किया था। जिससे इस कार्यक्रम में बहोत सफलता मिली और शिवानीजी का जीवन ही परिवर्तित हो गया।

बाद में उन्होंने दिल्ली में इस्लामिक सांस्कृतिक कार्यक्रम केंद्र में उनके माता-पिता के कार्यक्रमों के लिए अंगदान को बढ़ावा देने के हेतु से प्रोत्साहन देने से लेकर भलाई के लिए ब्रह्मकुमारी शिवानीजी ने भारत में यात्रा करनी शुरू करदी। और साथ ही भारतीय हिंदी फिल्म एक्टर सुरेश ओबेरॉय के साथ मिलकर उनकी टीवी श्रेणी का भाग बनी। जिससे उनके पुस्तक ‘Happiness Unlimited’ को बेस्टसेलिंग पुस्तको में बदल दिया।

 

विदेशो की यात्रा (Travel Abroad of Brahma Kumari Shivani) :

फिलहाल बी के शिवानीजी अपने आत्मिक विचारों के माध्यम से पिछले कई वर्षो से विश्व में निजी रूप से इंडिया, यूनाइटेड स्टेटस ऑफ़ अमेरिका,  ब्रिटेन, साउथ अफ्रीका और एशिया के कई अन्य देशो के लोगों के मन का कष्ट और परेशानी, ख़राब स्वभाव, रूठा हुआ रिश्तो, और व्यक्तिगत सम्मान से जुड़ी हुई मुश्किलों को निबटने में मदद करती है। Brahma Kumari Shivani Biography in Hindi

शिवानीजी सारे दुनिया में 20 से ज्यादा देशों की सफर कर चुकी है। उन्होंने 2100 से ज्यादा वार्ताएं प्रस्तुत की हैं, उनमें प्रसिद्ध कार्यक्रमों, एकांत, सेमिनार, कॉर्पोरेट ट्रेनिंग, ब्लॉगस, रेडियो और टेलीविजन शो जैसे कई अलग अलग उपकरणों के साधन द्वारा अपना ज्ञान सहकारिता किया है। शिवानीजी के द्वारा टेलीविज़न के माध्यम से प्रसारित हिंदी और इंग्लिश भाषा से टेलीविज़न सीरिज कुछ इस प्रकार है…

  • विजडम ऑफ़ दादी जानकी (Wisdom of Dadi Janaki)
  • डिप्रेशन (Depression)
  • राजयोग मेडिटेशन (Raja Yoga Meditation)
  • जीवन कौशल (Life Skills)

शिवानीजी की किताबे (Books of Brahma Kumari Shivani) :

  • मेरा सुख किसके हाथ (Mera Sukh Kiske Hath)
  • हैप्पीनेस अनलिमिटेड (Happiness Unlimited)
  • असीम आनंद की ओर (Aseem Anand Ki Aur)

_

Leave A Reply