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चे ग्वेरा की जीवनी | Che Guevara Biography in Hindi

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Che Guevara Biography In Hindi
Che Guevara
नाम अर्नेस्टो ग्वेरा
जन्म 14 जून 1928
जन्मस्थानरोसारियो, अर्जेंटीना
पिताअर्नेस्टो ग्वेरा लिंच
मातासेलिया डे ला
पत्नीहिल्डा गेदिया
पुत्रकैमिलो ग्वेरा
पुत्रीएलेडा, सेलिया, हिल्डा
व्यवसायक्रांतिकारी, प्रसिद्ध लेखक
नागरिकताअर्जेण्टीनी, क्यूबाई

 

क्रांतिकारी चे ग्वेरा (Che Guevara Biography in Hindi) :

चे ग्वेरा Che Guevara एक महान क्रांतिकारी, सामरिक सिद्धांतकार, कूटनीतिज्ञ और प्रसिद्ध लेखक, थे। जिन्होंने क्यूबा समेत दक्षिणी अमेरिका के कई राष्ट्रों को आजाद करवाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। जब वे अपनी डॉक्टरी की पढ़ाई कर रहे थे, उस दौरान दक्षिणी अमेरिका में व्याप्त गरीबी और आर्थिक विषमता को देख उनका ह्रदय भावभिवोर हो गया था और फिर उन्होंने पूरी तरह खुद को राष्ट्र सेवा में समर्पित कर दिया।

 

प्रारंभिक जीवन और शादी (Che Guevara Early Life and Marriage) :

चे ग्वेरा का जन्म 14 जून 1928 को रोसारियो, अर्जेंटीना में हुआ। उनका असली नाम राफेल ग्वेरा था। उनके पिता का नाम अर्नेस्टो ग्वेरा लिंच था और उनकी माता का नाम सेलिया डे ला था। उनका एक जन्म मध्यम वर्गीय परिवार में हुआ था। पांच संतानों के आर्जेंटीयन परिवार के वे सबसे बड़े बेटे है। उनकी पत्नी का नाम हिल्डा गेदिया था और उनके चार बच्चे है। एक बेटा जिसका नाम कैमिलो ग्वेरा है और उनक तीन बेतिया है। जिनका नाम एलेडा ग्वेरा, सेलिया ग्वेरा, हिल्डा ग्वेरा है।  

 

विश्वक्रांति का ख्याल (Che Guevara Thought of World Revolution) :

चिकित्सक शिक्षा के दौरान एर्नेस्टो चे ग्वेरा पुरे लतीनी अमेरिका में काफी घुमे। इस दौरान पुरे महाद्वीप में व्याप्त गरीबी ने उन्हें हिला कर रख दिया। तब उन्होंने निष्कर्ष निकाला की इस गरीबी और आर्थिक विषमता के मुख्य कारन थे अकधिप्तय, पूंजीवाद, नवउपनिवेशवाद और साम्राज्यवाद, जिनसे छुटकारा पाने का एकमात्र तरीका है “विश्वक्रांति”।

इसी निष्कर्ष का अनुसरण करते हुए उन्होंने गुआटेमाला के राष्ट्रपति याकोबो आरबेंज गुजमान के द्वारा किये जा रहे समाज सुधारो में भाग लिया। उनकी क्रन्तिकारी सोच और मजबूत हो गयी जब 1954 में गुजमान को अमेरिका की मदद से हटा दिया गया। Che Guevara Biography in Hindi

इसके कुछ ही समय बाद मेक्सिको सिटी में उहे रायुल और फिदेल कास्त्रो मिले और ये क्यूबा की 26 जुलाई क्रांति में शामिल हो गये। एर्नेस्टो चे ग्वेरा शीघ्र ही क्रांतिकारियों की कमान में दुसरे स्थान पर पहोच गये और बतिस्ता के राज्य के विरुद्ध दो साल तक चले अभियान में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। 

क्यूबा की क्रांति के बाद एर्नेस्टो ने नयी सरकार में कई महत्वपूर्ण कार्य किये और साथ ही सारे विश्व में घूमकर क्यूबा समाजवाद के लिये अंतर्राष्ट्रीय समर्थन भी जुटाया। इनके द्वारा प्रशिक्षित सैनिको ने पिंग्स की खाड़ी आक्रमण को सफलतापूर्वक पछाड़ा। बाद में वे सोवियत संघ से नाभिकीय प्रक्षेपास्त्र ले कर आये, जिनसे 1962 के क्यूबन प्रक्षेपास्त्र संकट की शुरुवात हुई और सारा विश्व नाभिकीय युद्ध की कगार पर पहोच गया। 

 

लेखक के रूप में (Che Guevara As the Writer) :

एर्नेस्टो चे ग्वेरा की सबसे प्रसिद्ध कृतिया है गुरिल्ला युद्ध की नियम-पुस्तक और दक्षिणी अमेरिका में इनकी यात्राओ पर आधारित मोटर साइकिल डायरिया। वे एक कुशल लेखक और विचारक थे। उन्होंने युद्ध के विषय को लेकर अपनी एक पुस्तक “गुरिल्ला वारफेयर” भी लिखी। इतिहास का यह एक विद्रोही नेता सर्वश्रेष्ट कवी भी था। उनकी आखरी वसीयत के समान है, “हवा और ज्वार” शीर्षक से लिखी गयी यह कविता उनके आदर्शवादी सोच की तरफ इशारा करती है।

 

मृत्यु (Che Guevara Death) :

चे ग्वेरा के जीवन के आखिरी दिन काफी परेशानी और तकलीफों से भरे हुए थे, 8 अक्टूबर, 1967 को उन्हें बोलिविया से गिरफ्तार किया गया। और गिरफ्तारी के बाद उनके दोनों हाथ बेरहमी से काट दिए गए और उन्हें कई दिनों तक शारीरिक प्रताड़ना देकर 39 साल की उम्र में जान से मार दिया गया और उनके शव को एक अनजान जगह पर दफना दिया गया।

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