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दशरथ मांझी की जीवनी | Dashrath Manjhi Biography in Hindi

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Dashrath Manjhi Biography  In Hindi
Dashrath Manjhi
नामदशरथ मांझी
जन्म1934
जन्मस्थानगहलोर
पत्नीफाल्गुनी देवी
पुत्रभागीरथ मांझी
व्यवसायमजदूर
नागरिकताभारतीय

 

“माउंटेन मैन” दशरथ मांझी (Dashrath Manjhi Biography in Hindi) :

दशरथ मांझी Dashrath Manjhi जिन्हें “माउंटेन मैन” के नाम से भी जाना जाता है जिन्होंने ये साबित किया है की कोई भी काम असंभव नही है। एक इंसान जिसके पास नहीं पैसा था नहीं ताकत थी उसने एक पहाड़ खोदा था, उनकी जिन्दगी से हमें एक सिख मिलती है की हम किसी भी कठीनाई को आसानी से पार कर सकते है अगर आपमें उस काम को करने की जिद्द हो तो। उनकी 22 वर्षो की कठिन मेहनत से उन्होंने एक रोड बनाई जिसका उपयोग आज गांव वाले करते है। “Mountain Man” Dashrath Manjhi

 

मांझी का प्रारंभिक जीवन (Dashrath Manjhi Early Life) :

मांझी का जन्म 14 जनवरी 1929 में हुआ। दशरथ मांझी एक दलित जाति से थे। बचपन में उन्हें अपना छोटे से छोटा हक मांगने के लिए संघर्ष करना पड़ता था। वे जिस गांव में रहते थे वहां से पास के कस्बे जाने के लिए एक पूरा पहाड़ (गहलोर पर्वत) पार करना पड़ता था। उनके गांव में उन दिनों न बिजली थी और न ही पानी।

दशरथ मांझी काफी कम उम्र में अपने घर से भाग गए थे और धनबाद की कोयले की खानों में उन्होनें काम किया। फिर वे अपने घर लौट आए और फाल्गुनी देवी से शादी की। अपने पति के लिए खाना ले जाते समय उनकी पत्नी फाल्गुनी पहाड़ के दर्रे में गिर गयी और उनका निधन हो गया। अगर फाल्गुनी देवी को अस्पताल ले जाया गया होता तो शायद वो बच जाती यह बात उनके मन में घर कर गई।

 

मांझी का सड़क बनाने का संकल्प (Manjhi Resolve to Build the Road) :

इसके बाद दशरथ मांझी ने संकल्प लिया कि वह अकेले अपने दम पर वे पहाड़ के बीचों बीच से रास्ता निकालेगे और फिर उन्होंने 360 फ़ुट लम्बा, 25 फ़ुट गहरा, 30 फ़ुट चौड़ा गेहलौर की पहाड़ियों से रास्ता बनाना शुरू किया। इन्होंने बताया, “जब मैंने पहाड़ी तोड़ना शुरू किया तो लोगों ने मुझे पागल कहा लेकिन इस बात ने मेरे निश्चय को और भी मजबूत किया। ”

आख़िरकार 1982 में 22 वर्षो की मेहनत के बाद मांझी ने अपने कार्य को पूरा किया। ऊँचे पहाड़ को काट के एक सड़क बना डाली ताकि गांव के लोगो को आने जाने में तकलीफ ना हों। इस सड़क ने गया के अत्रि और वज़ीरगंज सेक्टर्स की दूरी को 55 किमी से 15 किमी कर दिया। माँझी के प्रयास का मज़ाक उड़ाया गया पर उनके इस प्रयास ने गेहलौर के लोगों के जीवन को सरल बना दिया।

हालांकि उन्होंने एक सुरक्षित पहाड़ को काटा, जो भारतीय वन्यजीव सुरक्षा अधिनियम अनुसार दंडनीय है फिर भी उनका ये प्रयास सराहनीय है। बाद में मांझी ने कहा,” पहले-पहले गाँव वालों ने मुझपर ताने कसे लेकिन उनमें से कुछ ने मुझे खाना दीया और औज़ार खरीदने में मेरी सहायता भी की।” Dashrath Manjhi Biography in Hindi

 

दशरथ मांझी की उपलब्धि :

उनकी इस उपलब्धि के लिए बिहार सरकार ने सामाजिक सेवा के क्षेत्र में 2006 में “पद्म श्री” हेतु उनके नाम का प्रस्ताव भी रखा। उनकी उपलब्धि के लिए, 26 दिसंबर 2016 को “बिहार की व्यक्तित्व” श्रृंखला में इंडिया पोस्ट द्वारा एक डाक टिकट जारी किया गया था। Dashrath Manjhi Biography in Hindi

 

मांझी ‘माउंटेन मैन’ फिल्म (Manjhi The Mountain Man) :

जुलाई 2012 में निर्देशक केतन मेहता ने दशरथ मांझी के जीवन पर आधारित फिल्म “मांझी: द माउंटेन मैन” (डाक्यूमेंट्री) बनाने की घोषणा की। नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी ने मांझी की और राधिका आप्टे ने फाल्गुनी देवी की भूमिका निभाई है। 21 अगस्त 2015 को फिल्म को रिलीज़ की गयी।

मार्च 2014 में प्रसारित टीवी शो सत्यमेव जयते का सीजन 2 जिसकी मेजबानी आमिर खान ने की, उनका पहला एपिसोड दशरथ मांझी को समर्पित किया गया। Dashrath Manjhi Biography in Hindi

 

मांझी की मृत्यु (Dashrath Manjhi Death) :   

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्था, नई दिल्ली में पित्ताशय के कैंसर से पीड़ित मांझी का 73 साल की उम्र में 17 अगस्त 2007 को निधन हो गया। बिहार की राज्य सरकार के द्वारा उनका अंतिम संस्कार किया गया। 

 

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