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हेलन केलर की जीवनी | Helen Keller Biography in Hindi

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Helen Keller Biography In Hindi
Helen Keller
पूरा नाम हेलेन एडम्स केलर
जन्म       27 जून 1880
जन्मस्थान अलाबामा
पिता        एडम्स केलर
माता       केट एडम्स केलर
पति पीटर फगन
शिक्षा बी.ए
व्यवसाय लेखक, राजनीतिक कार्यकर्ता
नागरिकता/राष्ट्रीयताअमेरिकी

 

लेखक हेलन केलर (Helen Keller Biography in Hindi) :

हेलेन केलर Helen Keller एक अमेरिकी लेखक, राजनीतिक कार्यकर्ता और आचार्य थी। बचपन में बीमारी के वजह से अपनी देखने और सुनने की शक्ति खोने के बाद भी उन्होंने दुनिया में मिशाल पेश की। समाजवादी नाम के दल मे एक सदस्य के रूप में उन्होंने दुनिया भर के श्रमिकों और महिलाओं के मताधिकार, श्रम अधिकार, समाजवाद और कट्टरपंथी शक्तियों के खिलाफ अभियान चलाया नारी जाति का गौरव हेलेन केलर शरीर से अपंग पर मन से समर्थ महिला थीं। 

 

प्रारंभिक जीवन (Helen Keller Early Life) :

हेलन केलर का जन्म 27 जून 1880 को अलबामा में हुआ। उनके पिता शहर के समाचार-पत्र के सफल सम्पादक और माँ एक गृहिणी थी। हेलन को छोटी सी उम्र में ही तेज बुखार ने जकड़ लिया।अधिकतर मामलो में ऐसे रोगी की मृत्यु हो जाती हे। लेकिन हेलन बच गयी बाद में पता चला कि उनकी देखने और सुनने की शक्ति जा चुकी थी। माता-पिता बहुत चिंता करने लगे। किन्तु वे जानते थे कि उनकी पुत्री सब संघर्षों का सामना करने की ताकत रखती है। Helen Keller Biography in Hindi

 

शिक्षा (Education) :

हेलन केलर की नजर, जबान और सुनने की शक्तीचली गयी। पर उनके माता पिता ने उन्हें पढ़ाने का निश्चय किया और शिक्षक ढूढने लगे और नशिब से इस सुलिव्हान टिचर ने उन्हें शिक्षा दी। पहले ‘मॅन्युअल अल्फाबेट’ के तरीके से अक्षर पढ़ने लगी। आगे जाकर वो ब्रेल पढ़ने लगी। उन्होंने बेहद कम समय में ही अपनी टीचर से जर्मन, फ्रेंच, ग्रीक, अंग्रेजी, लैटिन जैसे कई भाषाओं का ज्ञान अर्जित कर लिया।

हेलन केलर को बाकी बच्चों के साथ पढ़ने की इच्छा थी। उस वजह से उच्च पढाई के लिये उन्होंने विश्वविद्यालय में दाखिला लिया। बोर्ड के उपर की डायग्राम नहीं दिखना, ब्रेल लिपी में सभी किताबे नहीं होना इन जैसे कठिनाई को पार करके उन्होंने अपनी पढाई जारी रखी और वो स्नातक हुयी।Helen Keller Biography in Hindi

 

सामाजिक कार्य  (Helen Keller Social Work) :

हेलन केलर ने शारीरिक रुप से अपंग बच्चों के लिए करोड़ों रुपए इकट्ठे किये और कई अनाथालयों और संस्थानों का निर्माण करवाया। ऐसे बच्चों की सेवा के लिए खुद को पूरी तरह समर्पित कर दिया उन्होंने समाज के हित में काम करने के लिए अ्विवाहित रहकर पूरी जिंदगी गुजारने का फैसला किया। Helen Keller Biography in Hindi

हेलन केलर एक ऐसी महिला थी। जो दान की राशि का एक रुपया भी खुद पर कभी खर्च नहीं करती थी। इसके अलावा शारीरिक रुप से अपंग बच्चों के जीवन में नई आशा, उम्मीद और चेतना जगाने के लिए उन्होंने दक्षिण अफ्रीका, केनेडा, ऑस्ट्रेलिया, यूरोप समेत दुनिया के कई अलग-अलग हिस्सों में यात्राएं भी कीं और प्रेरणात्मक भाषण देकर लोगों के अंदर सकारात्मक जीवन जीने और आगे बढ़ने की अलख जगाई।

उन्होंने समाज में महिलाओं को बराबरी का दर्जा दिलाने उनके अधिकारों के लिए और मजदूरों को उनका हक दिलवाने के लिए अपनी आवाज बुलंद की। इसके अलावा हेलन केलर ने लोगों को अपने संघर्षमय जीवन के बारे में भी बताया। ताकि लोग उनसे प्रेरणा लेकर अपने जीवन के लक्ष्यों को पाने में सफलता हासिल कर सकें। और अपनी शारीरिक अपंगता को अपनी कमजोरी नहीं बल्कि अपनी ताकत समझे।

1946 में ‘अमेरीकन ब्रेल प्रेस’ को ‘द अमेरीकन फाउनडेशन फॉर ओवरसीज ब्लाइंड’ नाम दिया गया। जो आज ‘हेलेन केलर इंटरनेशनल’ के नाम से जाना जाता है।

 

लेखन कार्य (Helen Keller Books) :

हेलन केलर ने अपने महान विचारों और जिंदगी के अनुभवों से ब्रेल लिपि में करीब 9 किताबें लिखीं। उनके द्धारा लिखी गईं किताबें दुनिया भर में काफी पसंद भी की गईं। और वो पुस्तक आत्मकथा ‘मेरी जीवन कहानी’ उनकी मशहूर किताबों में से एक थी। उनकी इस किताब को 50 से ज्यादा भाषाओं में प्रकाशित भी किया जा चुका है। Helen Keller Biography in Hindi

हेलन केलर प्रकृति के बेहद करीब थीं। वे प्राकृतिक सुंदरतो को अपनी आंखों से भले ही नहीं देख सकती थी, लेकिन उन्होंने लहरों पर थिरकती चांदनी, पहाड़ों से झरती बर्फ, सुंदर वादियों, लहलहराते बाग, बसंत के खिले फूलों को अपनी मन की आंखों से बेहद अद्भुत एहसास किया था। और बेहद शानदार ढंग से इसका उल्लेख अपनी पुस्तकों में भी किया है।

हेलन केलर ने अपने टीचर एनी सेलविन की मुद्दे से कई महान लेखक जैसे कार्लमार्क्स, टालस्टाय, अरस्तू, रवीन्द्रनाथ टैगोर, नीत्शे, महात्मा गांधी आदि के साहित्य को पढ़ा। और उसकी गहराइयों को समझा उनकी कई किताबों का ब्रेल लिपि में अनुवाद भी किया। और इसके अलावा उन्हों ने कई मौलिक ग्रंथ भी लिखे थे। 

 

हेलन केलर के विचार (Helen Keller Thought) :

  • दुनिया की सबसे खूबसूरत चीजें न कभी देखी जा सकती है।और न ही छुई जा सकती है। वो तो सिर्फ और सिर्फ दिल से महसूस की जा सकती हैं।
  • हम वह सबकुछ कर सकते हैं, जिसे करने की हम इच्छा रखते हैं। लेकिन इसके लिए शर्त सिर्फ यह है, कि जो करें उसमें तन्मयता से लगे रहें। 
  • खुद की तुलना ज्यादा भाग्यशाली लोगों से करने की बजाये हमें अपने साथ के ज्यादातर लोगों से अपनी तुलना करनी चाहिए,और तभी हमें लगेगा कि हम कितने भाग्यशाली हैं।

 

म्रुत्यु (Helen Keller Death) :

1 जून 1968 को हेलन हेलेन केलर इस दुनिया से चली गयी। उन्होंने अपने कार्यो से इस संसार में नाम कमाया। उन्होंने अपंगो को सहारा दिया जिससे उनके अंदर आशा और विश्वास जगी रही थी। सारा संसार आज भी उन्हें याद करता है।

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