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कपिल देव की जीवनी | Kapil Dev Biography in Hindi

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Kapil Dev Biography In Hindi
Kapil Dev
पूरा नाम  कपिलदेव रामलाल निखंज
जन्म         6 जनवरी, 1959
जन्मस्थान    चंडीगढ़, पंजाब
पिता         रामलाल. निखंज
माता        राजकुमारी लाजवंती
पत्नी रोमी भाटिया
पुत्री अमिय देव
व्यवसाय भारतीय क्रिकेट गेंदबाज
पुरस्कार पद्म श्री, पद्म भूषण, अर्जुन अवार्ड
नागरिकता/राष्ट्रीयता भारतीय

 

भारतीय क्रिकेटर कपिल देव (Kapil Dev Biography in Hindi) :

कपिल देव भारतीय क्रिकेट के सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंडर खिलाड़ी रहे थे। भारत को 1983 का World Cup का खिताब दिलाने वाले विजेता कप्तान कपिल देव भारतीय क्रिकेट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी रहे है। आज तक भारत को कपिल देव जैसा आलराउंडर नहीं मिला है। 2002 में विजडन ने उनको भारतीय क्रिकेट के सदी का महान क्रिकेटर चुना था। फिलहाल वे एक क्रिकेट कमेन्ट्री में अपनी आवाज से करोड़ो दर्शको का मनोरंजन करते है। Indian Cricketer Kapil Dev

 

प्रारंभिक जीवन (Kapil Dev Early Life) :

कपिल देव का जन्म 6 जनवरी, 1959 को पंजाब के मशहूर शहर चंडीगढ़ में बिल्डर और लकड़ी के व्यापारी रामलाल निखंज के 6 वीं संतान के रुप में हुआ था। इनकी माता राजाकुमारी लाजवंती एक घरेलू महिला हैं। कपिल देव के सात भाई-बहन हैं। आजादी के बाद भारत-पाक विभाजन से पहले उनका परिवार पहले पाकिस्तान के रावलपिंडी में रहता था, लेकिन विभाजन के बाद उनका परिवार भारत में आकर रहने लगा था। Kapil Dev Biography in Hindi

 

शिक्षा (Kapil Dev Education) :

कपिल देव ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा डी. ए. वी. स्कूल से प्रारम्भ की, और स्नातक की पढ़ाई के लिए सेंट एडवर्ड कॉलेज में गएइसके बाद इन्होंने अपना स्नातक शिमला के सेंट एडवर्ड कॉलेज से पूरा किया था। Kapil Dev Biography in Hindi

 

निजी जीवन (Kapil Dev Married Life) :

कपिल देव की मुलाकात रोमी भाटिया से एक कॉमन फ्रेंड के माध्यम से हुयी। इन्होने रोमी को 1980 में प्रोपोज़ किया, और उसी वर्ष इन दोनों ने शादी कर ली। 16 जनवरी 1996 को इनके घर एक पुत्री अमिया देव का जन्म हुआ। Kapil Dev Biography in Hindi

 

शुरुआती करियर (Kapil Dev Starting Career) :

1975 में कपिल देव ने अपने क्रिकेट की शुरुआत घरेलू क्रिकेट में हरियाणा की ओर से खेलते हुए की। इन्होंने हरियाणा के लिए पंजाब के विरुद्ध मैच खेला था, जिसमें कपिल देव ने 6 विकेट के साथ हरियाणा को शानदार जीत दिलाकर, पंजाब को 63 रन पर ही ढेर कर दिया था।

1976 में जम्मू कश्मीर के विरुद्ध खेले गए एक मैच में इन्होंने 08 विकेट लिए तथा 36 रन बनाये और उन्होंने उसी वर्ष बंगाल के विरुद्ध 07 विकेट तथा 20 रन बनाये थे। इन दोनों मैचों में इनकी प्रतिभा सबको दिखाई देने लगी। 

 

अंतरराष्ट्रीय करियर (Kapil Dev International Career) :

1978 में इनका चयन टीम इंडिया में पाकिस्तान के दौरे ले लिए हो गया, लेकिन वे इस दौरे पर कुछ खास कमाल नहीं कर पाये। फिर बाद में उन्होंने 5 टेस्ट मैच के बाद अपना पहला टेस्ट शतक लगाया था। उस समय कपिल सबसे कम उम्र में शतक लगाने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गये थे। कपिल देव ने मात्र 20 साल की उम्र में दिल्ली में 126 रनों की पारी खेली थी। 

1982 में श्रीलंका में मैच पर इन्हें वेस्टइंडीज में हो रही एकदिवसीय मैचों की श्रृंखला में कप्तान बनने का मौका मिला। उस समय वेस्टइंडीज टीम का काफी बोलबाला था, मतलब उस समय वेस्टइंडीज टीम को हराना नामुमकिन सा था। Indian Former Captain Kapil Dev

उस मैच में सुनील गावस्कर की शानदार पारी खेली, वहीं कपिल देव ने 72 रन बनाने के साथ-साथ 2 विकेट भी चटकाए थे, जिसके सहारे वेस्टइंडीज को हराया था। इसी जीत की बदौलत भारत को आने वाले वर्ल्ड कप में वेस्टइंडीज को हरा पाने का विश्वास बढ़ गया। जो कि विश्व कप हासिल करने में दिखाई दिया था। 

 

1983 का वर्ल्ड कप (Kapil Dev World Cup 1983 ) :

भारत को सेमीफइनल में पहुंचने के लिए ज़िम्बाब्वे से मैच जीतना आवश्यक था। उस मैच में भारत लगभग हार की ओर बढ़ ही रहा था कि इसी मैच के दौरान कपिल देव ने 138 गेंदों में 175 रन बनाकर ज़िम्बाब्बे की गेंदबाजी को धोकर रख दिया। इसी मैच में कपिल देव ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 5 विकेट भी लिए थे। 

1983 में कपिल देव ने वेस्टइंडीज के खिलाफ विश्व कप जीतकर क्रिकेट जगत में सनसनी फैला दी थी। कपिल देव ने 1983 में अपने जीवन की सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी करते हुए, 83 रन देकर 9 विकेट लिये थे। इस शानदार प्रदर्शन की बदौलत भारत भी क्रिकेट की दुनिया का सितारा बनकर सामने आया

कपिल देव अपने जीवन में 132 टेस्ट मैच खेले जिसमें 5248 रन तथा 8 शतक और 434 विकेट भी लिये, इतना ही नही कपिल देव ने 64 कैच भी पकडे हैं। कपिल ने अपने तेज गेदबाजी से भी विश्व पर अपनी अलग धाक जमाई, एक समय था, जब कपिल के 434 टेस्ट विकेट का रिकार्ड कई सालो तक रहा था। कपिल देव ने ही सबसे पहले सर रिचर्ड हेडली के सर्वाधिक टेस्ट विकेटों का रिकार्ड्स तोडा था। 

 

भारतीय क्रिकेट के कोच के पद (Kapil Dev As Coach of Indian Cricket Team) :

1999 के समय BCCI ने इन्हें भारत का कोच नियुक्त किया, कहा जाता है कि ऑस्ट्रेलिया से भारत के 2-0 से श्रृंखला हारने के बाद इन पर मैच फिक्सिंग का आरोप लगाया गया था। जिसके चलते इन्होंने केवल 10 महीने में ही इस्तीफा दे दिया।

 

कपिल देव का विवाद (Kapil Dev Controversy) :

क्रिकेट करियर के दौरान, कपिल और सुनील गावस्कर के मध्य काफी मतभेद पाए गए। 2000 में जब वह भारतीय क्रिकेट टीम के कोच थे, तब उन पर मैच फिक्सिंग का आरोप लगाया गया था। जिसके चलते उन्होंने भारतीय क्रिकेट कोच पद से इस्तीफा दे दिया। Kapil Dev Biography in Hindi

 

कपिल देव का बिजनेस (Kapil Dev Business) :

कपिल देव अभी चंडीगढ़ के कपिल्स इलेवेन रेस्टोरेंट के मालिक हैं। कपिल देव ने छोटे-मोटे हिंदी सिनेमा में किरदार भी किये हैं। इकबाल, चैन खुली की मैंन खुली, और मुझसे शादी करोगी जैसी हिंदी फिल्मो में भी काम किया है। कपिल देव ने क्रिकेट के अलावा कई सामाजिक कार्य भी किये है। 2005 में कपिल देव ने एक ‘खुशी’ नामक एक सामाजिक संगठन की स्थापना की थी। 

 

पुरस्कार और सम्मान (Kapil Dev The Honors) :

  • 1979 में इन्हें भारत सरकार द्वारा ‘अर्जुन पुरस्कार’ दिया गया
  • 1982 में इन्हें भारत सरकार द्वारा ‘पद्म श्री’ पुरस्कार दिया गया
  • 1983 में इन्हें ‘विजडन क्रिकेटर ऑफ़ द ईयर’ पुरस्कार दिया गया
  • 1991 में इन्हें भारत सरकार द्वारा ‘पद्म भूषण’ दिया गया
  • 2002 में सदी के ‘विजडन इंडियन क्रिकेटर ऑफ़ द सेंचुरी’ से सन्मानित किया गया
  • 2008 में भारतीय सेना में ‘लेफ्टिनेंट कर्नल’ का पद ग्रहण कर लिया
  • 2010 में ‘ICC क्रिकेट हॉल ऑफ़ फेम’ पुरस्कार से उनको सन्मानित किया गया

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