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किरण बेदी की जीवनी | Kiran Bedi Biography in Hindi

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Kiran Bedi Biography In Hindi
Kiran Bedi
पूरा नाम डॉ. किरण ब्रज बेदी
जन्म        9 जून 1949
जन्मस्थान  अमृतसर, पंजाब
पिता        श्री प्रकाश लाल पेशावरिया
माता        प्रेमलता
पति ब्रज बेदी
पुत्री साइना बेदी
व्यवसायआइ.पी.एस अधिकारी, टेनिस खिलाड़ी
पुरस्काररेमन मैग्सेसे पुरस्कार
नागरिकता/राष्ट्रीयताभारतीय

 

भारत के प्रथम महिला आइ.पी.एस ऑफिसर किरण बेदी  (Kiran Bedi Biography in Hindi) :

किरण बेदी का नाम किसी भी परिचय की आवश्यकता नहीं रखता क्योंकि बेदी ने आइ.पी.एस के तौर पर ही नहीं, बल्कि समाजसेवा, राजनीति में भी काफी यश प्राप्त किया हैं। उन्होंने देश की प्रथम आइ.पी.एस ऑफिसर बनकर भारतीय समाज में सशक्त महिला की छवि प्रस्तुत की हैं, उन्हें क्रेन बेदी के नाम से भी जाना जाता है। 1994 में मैग्सेसे पुरस्कार के विजेता किरण बेदी अन्ना हजारे के नेतृत्व वाले नागरिक समाज के सक्रिय सदस्यों में से एक हैं, जिन्होंने एक मजबूत भ्रष्टाचार विरोधी कानून, जन लोकपाल विधेयक के अधिनियमित करने के लिए एक आंदोलन शुरू किया। First Indian Female IPS Officer Kiran Bedi

 

प्रारंभिक जीवन (Kiran Bedi Early Life) :

किरण बेदी का जन्म 9 जून, 1949 को अमृतसर, पंजाब में प्रकाश लाल पेशावरिया और प्रेम लता पेशावरिया के यहाँ हुआ था। इनकी तीन बहनें हैं- शशि, रीता और अनु। इन सभी चार बहनों ने अपने द्वारा चुने हुए व्यवसायों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। और उससे संबंधित क्षेत्र में अच्छा योगदान दिया। Kiran Bedi Biography in Hindi

 

शिक्षा (Kiran Bedi Education) :

किरण बेदी ने पंजाब के सेक्रेड हार्ट कान्वेंट अमृतसर स्कूल से शिक्षा ग्रहण की। इसके बाद में इन्होंने गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ वुमेन अमृतसर, पंजाब से अंग्रेजी में स्नातक किया। बाद में, इन्होंने पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ से राजनीति विज्ञान में मास्टर की डिग्री प्राप्त की। 1988 में दिल्ली विश्वविद्यालय से एल.एल.बी की डिग्री हासिल की उसके बाद 1993 में जब वह सर्विस में थीं तब उन्होंने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, नई दिल्ली से ‘ड्रग अब्यूस एंड डोमेस्टिक वॉयलेस’ विषय पर पी.एच.डी की।

 

निजी जीवन (Kiran Bedi Married Life) :

किरण बेदी की अपने लाइफ पार्टनर से मुलाकात टेनिस कोर्ट पर ही हुई थी। उस दौरान दोनों की टेनिस प्रैक्टिस करने के दौरान दोस्ती हुई, और फिर 9 मार्च, 1972 को किरण बेदी ने टेनिस प्लेयर बृज बेदी के साथ शादी कर ली थी। शादी के बाद उन्हें सायना नाम की बेटी हुई। हालांकि, कैंसर की वजह से उनकी पति की मृत्यु हो गई। Kiran Bedi Biography in Hindi

 

आधिकारिक करियर (Kiran Bedi Official Carrier) :

1970 में किरण बेदी ने अपने करियर की शुरुआत अमृतसर के खालसा कॉलेज फॉर वूमेन में राजनीति विज्ञान की व्याख्याता के रूप में की, अपने शिक्षण करियर के दो साल बाद, उन्होंने सिविल सेवा की परीक्षा पास की और IPS अधिकारी बन गईं। इसने उन्हें सेवाओं में शामिल होने वाली भारत की पहली महिला बना दिया। Kiran Bedi Biography in Hindi

भारतीय पुलिस सेवा में अपने करियर के दौरान, उन्होंने नई दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के प्रमुख, मिजोरम में पुलिस के डीआईजी, चंडीगढ़ के उपराज्यपाल के सलाहकार, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के महानिदेशक और संयुक्त राष्ट्र के शांति अभियान के लिए नागरिक पुलिस सलाहकार के रूप में कार्य किया, उन्हें उनके काम के लिए संयुक्त राष्ट्र पदक से सम्मानित किया गया था।

किरण बेदी ने दिल्ली के तिहाड़ जेल के प्रबंधन में कई सुधार किए, जब वह 1993-1995 के दौरान जेल के महानिरीक्षक थे। इस मिशन के तहत उनके द्वारा शुरू किए गए, विभिन्न कार्यक्रमों में कैदियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव देखे गए। उसके इस छोटे कार्यकाल को जेल के इतिहास में एक सुनहरे दौर के रूप में याद किया जाता है। Kiran Bedi Biography in Hindi

उसे 1994 के लिए रेमन मैग्सेसे पुरस्कार और जवाहर लाल नेहरू फैलोशिप जीता। किरण बेदी ने IPS में जो अंतिम स्थान हासिल किया, वह भारत के ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट के महानिदेशक का था। किरण बेदी ने स्वेच्छा से पुलिस सेवाओं से सेवानिवृत्त होने का फैसला किया और भारत सरकार ने उन्हें अनुमति दी। 25 दिसंबर, 2007 को वह सामाजिक मुद्दों के लिए खुद को समर्पित करने के लिए सेवानिवृत्त हुई। 

 

सामाजिक कार्य (Kiran Bedi Social Work) :

1987 में किरण बेदी ने नवज्योति इंडिया फाउंडेशन नाम से एक NGO लॉन्च किया। यह NGO नशा मुक्ति और नशामुक्ति के उद्देश्य को लेकर अशिक्षा और महिला सशक्तीकरण जैसे अन्य सामाजिक मुद्दों तक फैल गया है। उन्होंने 1994 में इंडिया विजन फाउंडेशन भी शुरू किया जो पुलिस सुधारों, जेल सुधारों, महिला सशक्तीकरण और ग्रामीण और सामुदायिक विकास के लिए काम कर रहा है। वह टीवी कार्यक्रम ‘आप की कचहरी’ की होस्ट भी थीं, जिसका उद्देश्य नागरिकों के पारिवारिक विवादों को सुलझाना था।

 

राजनीतिक करियर (Kiran Bedi Political Carrier) :

2011 में, किरण बेदी सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे के नेतृत्व में इंडिया अगेंस्ट करप्शन आंदोलन में शामिल हुईं। वह अरविंद केजरीवाल के साथ आंदोलन का एक प्रमुख चेहरा थी लेकिन बाद में जब अरविन्द केजरीवाल ने नई आम आदमी पार्टी (AAP) पार्टी बनाने का ऐलान किया तब उनमे शामिल नहीं हुईं और उनसे अलग हो गई।

बाद में आम चुनावों में भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी का समर्थन किया। ये 15 जनवरी 2015 को भारतीय जनता पार्टी (BJP) में आधिकारिक रूप से शामिल हो गईं। और दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी द्वारा मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवार घोषित कर दी गईं। इन्होंने कृष्णा नगर से चुनाव लड़ा था, लेकिन आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार एस.के.बग्गा से पराजित हो गईं।

 

विवाद (Kiran Bedi Controversy) :

1983 में उन्होंने अनौपचारिक रूप से गोवा की जनता के लिए ”जोरी ब्रिज” का उद्घाटन किया था। जब उन्हेोंने अपनी बेटी की देखभाल के लिए छुट्टी एप्लाई की थी, और आई.जी.पी द्धारा इसे रिकमंड भी करवाया था, लेकिन उस दौरान गोवा सराकर ने अधिकारिक तौर पर लीव नहीं दी थी,और गोवा के सीएम प्रताप सिंह राने ने किरण को बिना अवकाश दिए छुट्टी पर होने की घोषणा की थी। और किरण बेदी को उस दौरान काफी आचोलनाओं हुई थी।

जब वे तिहाड़ जेल में आईजी के पद पर तैनात थी, तब उन पर कैदियों की सुरक्षा को नजरअंदाज करने के आरोप लगाए गए थे। 1994 में उन्होंने न्यूयॉर्क टाइम्स में न्यूज लेटर पब्लिश कर दिल्ली सरकार की काफी आलोचना की थी। दरअसल, उन्हें अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन द्धारा द्धारा नेशनल प्रेयर ब्रेकफास्ट के लिए दो बार न्योता दिया गया था, लेकिन दोनों बार ही दिल्ली सरकार ने इसे अस्वीकार कर दिया था।

 

पुरस्कार और सन्मान (Kiran Bedi The Honour) :

  • एनसीसी कैडेट अधिकारी पुरस्कार।
  • अकाली-निरंकारी संघर्ष के दौरान हिंसा को रोकने में अहम भूमिका के लिए वीरता पुरस्कार “राष्ट्रपति पुलिस पदक” से सम्मानित।
  • सरकारी सेवा के लिए रामन मैगसेसे पुरस्कार।
  • लायंस क्लब, केके नगर द्वारा लायंस ऑफ़ द ईयर पुरस्कार।
  • उत्कृष्ट सेवा के लिए संयुक्त राष्ट्र पदक।
  • जेल और दंड प्रणाली में सुधार के लिए मदर टेरेसा मेमोरियल राष्ट्रीय पुरस्कार।
  • सामाजिक प्रभाव डालने के लिए “लो ओरियल पेरिस फेमिना महिला पुरस्कार”।

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