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मनमोहन सिंह की जीवनी | Manmohan Singh Biography in Hindi

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Manmohan Singh Biography In Hindi
Manmohan Singh
पूरा नाम मनमोहन सिंह
जन्म 26 सितम्बर, 1932
जन्मस्थान गाह, पाकिस्तान
पिता गुरुमुख सिंह
माताअमृत कौर
पत्नी गुरशरण कौर
पुत्रउपिंदर सिंह, दमन सिंह, अमृत सिंह
व्यवसायराजनीतिक, अर्थशास्त्री
नागरिकताभारतीय

 

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह (Manmohan Singh Biography in Hindi) :

मनमोहन सिंह एक भारतीय राजनेता हैं जो भारत 14वे प्रधानमंत्री थे। वह एक महान विचारक, विद्वान और बुद्धिमान अर्थशास्त्री हैं। मनमोहन सिंह की अपने कुशल और ईमानदार छवि के कारण सभी राजनीतिक दलों में अच्छी साख है। वे दो बार भारत के प्रधानमंत्री बने। उनका कार्यकाल 22 मई, 2004 से 26 मई, 2014 तक रहा। जवाहरलाल नेहरू के बाद भारत के पहले ऐसे प्रधानमन्त्री बन गये हैं, जिनको लगातार दूसरी बार प्रधानमंत्री चुने गए।  Great Prime minister Manmohan Singh

 

प्रारंभिक जीवन (Manmohan Singh Early Life) :

डॉ. मनमोहन सिंह का जन्म 26 सितंबर, 1932 को पंजाब के गाह में, (वर्तमान में पाकिस्तान) हुआ था। उनके पिता का नाम गुरूमुख सिंह और माता का नाम अमृत कौर था। उनके पिता गुरुमुख सिंह सादगीपूर्ण जीवन व्यक्तित्व करते थे। गुरुमुख सिंह उस नन्हे बालक को प्यार से मोहन कहते थे। मनमोहन जी ने अपने पिता के सादीपूर्ण जीवन का अनुसरण किया और आज भी उसी पथ पर अग्रसर है।

 

शिक्षा (Education) :

मनमोहन सिंह ने 1954 में चंडीगढ़ के पंजाब विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में M.A. की परीक्षा प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण की। 1955 में उन्हें कैंब्रिज विद्यालय के सेंट जॉन कॉलेज में ‘राइट’ और 1956 में ‘एडम स्मिथ’ पुरस्कार से सम्मानित किया। वह 1957 से 1965 तक चंडीगढ़ के पंजाब विश्वविद्यालय में प्रोफेसर के पद पर कार्यरत रहे।

 

मनमोहन सिंह का निजी जीवन (Manmohan Singh Married Life) :

1958 में उन्होंने गुरुशरण कौर से शादी की, जिससे उनको 3 बेटियां उपिन्दर, अमृत और दमन है। उनकी बेटी उपिन्दर दिल्ली युनिवर्सिटी में इतिहास की प्रोफेसर है। दूसरी बेटी अमृत अमेरिकन सिविल लिबर्टी में काम करती है। तीसरी बेटी दमन एक हाउसवाइफ है, जिन्होंने आईपीएस ऑफिसर से शादी की है।

 

राजनीतिक करियर (Manmohan Singh Political Career) :

मनमोहन सिंह में चतुर एवं बुद्धिमानी के गुण हैं। 1969 में दिल्ली के ‘स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स’ में प्रधानाध्यापक पद पर रहे तो 1976 में वे दिल्ली विश्वविद्यालय में मानद प्रधान विभाग अध्यापक भी बने। Manmohan Singh Biography in Hindi

1982 में मनमोहन सिंह को भारत सरकार ने “भारतीय रिजर्व बैंक” का गवर्नर बनाया। इस पद पर वह 14 जनवरी, 1985 तक रहे और वर्ष 1985 में ही उन्हें योजना आयोग का अध्यक्ष चुन लिया गया। जबकि 1990 में प्रधानमंत्री के यह आर्थिक सलाहकार बनाए गए।

1991 में मनमोहन सिंह जी ने सरकारी नौकरी छोड़ राजनीती में कदम रखा। इस समय पी वी नरसिम्हा राव प्रधानमंत्री चुने गए थे, उन्होंने अपने कैबिनेट मंत्रालय में मनमोहन सिंह जी को वित्त मंत्री बना दिया। इस समय भारत बहुत बुरे आर्थिक दौर से गुजर रहा था, सबसे पहले उन्होंने लाइसेंस राज को रद् कर दिया जिसके तहत उद्योगों को कोई भी बदलाव करने से पहले सरकार से स्वीकृति लेनी पड़ती थी।

1998 में मनमोहन सिंह जी राज्यसभा के सदस्य चुने गए, और 1998-2004 के दौरान जब भारत में अटल बिहारी वाजपेयी की बीजेपी की सरकार थी तब वे राज्यसभा में विपक्ष के नेता थे। Manmohan Singh Biography in Hindi

 

प्रधानमंत्री पद की शपत (Manmohan Singh As a Prime Minister of India) :

2004 में हुए आम चुनाव में UPA सरकार की जीत हुई, इस जीत के बाद कांग्रेस पार्टी की अध्यक्ष सोनिया गाँधी ने मनमोहन सिंह जी को भारत का अगला प्रधानमंत्री घोषित किया। उस समय मनमोहन सिंह जी लोकसभा के सदस्य भी नहीं थे, बहुत कम भारतवासी उन्हें जानते पहचानते थे।

22 मई 2004 को मनमोहन सिंह जी ने प्रधानमंत्री पद की शपत ली और उस पद को संभाला। 2007 में भारत का सकल घरेलू उत्पादन 9% रहा और भारत दुनिया में दूसरी सबसे बड़ी विकासशील अर्थव्यवस्था बन गया।

2008 में मुंबई में हुए आतकंवादी हमले के बाद मनमोहन जी ने नेशनल इन्वेस्टीगेशन एजेंसी (NIA) का गठन किया, जो आंतकवाद पर कड़ी नजर रखती थी। 2009 में इ-गवर्नस की सुविधा दी गई, जिससे नेशनल सिक्यूरिटी बढ़ गई, मल्टीपरपस आइडेंटिटी कार्ड बनाये गए, जिससे देशवासियों को सुविधा होने लगी। मनमोहन सिंह जी ने अपने शासनकाल में पड़ोसी देशों व अन्य देशों से संबद्ध सुधारे जिससे देश को बहुत से फायदे हुए।

22 मई 2009 में 15वी लोक सभा के चुनाव के जित के बाद मनमोहन सिंह को एक बार फिर से भारत के प्रधानमंत्री के पद पर चुना गया। जवाहरलाल नेहरु के बाद मनमोहन सिंह एकमात्र ऐसे प्रधानमंत्री थे जिन्हें 5 साल का कार्यकाल पूरा करने के बाद फिर से प्रधानमंत्री चुना गया।

 

अवार्ड और उपलब्धियां (Manmohan Singh Awards) :

  • 1982 में कैंब्रिज के जॉन कॉलेज ने मनमोहन सिंह जो को सम्मानित किया।
  • 1987 में उन्हें “पद्म विभूषण” से भारत सरकार द्वारा सम्मानित किया गया।
  • 1994 में लन्दन स्कूल ऑफ़ इकोनॉमिक्स ने प्रतिष्ठित अध्येता के रूप में उन्हें चुना।
  • 2002 में भारतीय संसद ग्रुप के द्वारा उन्हें संसदीय अवार्ड से नवाजा गया।
  • 2010 में उन्हें एक फाउंडेशन ने वर्ल्ड स्टेटमैन अवार्ड से नवाजा।

 

मनमोहन सिंह पर बनी फिल्म (Film made on Manmohan Singh) :

मनमोहन सिंह जी भारत के प्रधानमंत्री कैसे बने और उनके प्रधानमंत्री बनने के बाद के सफर को दर्शाने के लिए उनकी एक बायोपिक फिल्म भी बनाई गई है। जिसका नाम है “द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर”। Manmohan Singh Biography in Hindi

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