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नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी की जीवनी | Nawazuddin Siddiqui Biography in Hindi

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Nawazuddin Siddiqui Biography In Hindi
Nawazuddin Siddiqui
नामनवाजुद्दीन सिद्दीकी
जन्म19 मई 1974
जन्मस्थानबुढ़ाना, उत्तर प्रदेश, भारत
पिता नवाबुद्दीन सिद्दीकी
माता मेहरुन्निसा
पत्नीअंजली सिद्दीकी
बेटीशोरा
व्यवसायअभिनेता
डेब्यू फिल्मसरफ़रोश (1999)
नागरिकताभारतीय

 

अभिनेता नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी (Nawazuddin Siddiqui Biography in Hindi) :

नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी एक भारतीय फिल्म अभिनेता है जो हिंदी सिनेमा में कार्यरत है। कहते हैं जो लोग अपना सफर काफी नीचे से शुरू करते हैं, वे काफी ऊपर तक जाते हैं। तभी तो 1999 में शूल फिल्म में वेटर और सरफरोश में मुखबिर का रोल करने वाले नवाजुद्दीन सिद्दीकी ऐसे सितारे बन चुके हैं जिनकी कान फिल्म फेस्टिवल में एक साथ तीन-तीन फिल्में अपना जलवा बिखेरने जाती हैं तो उन्हें एक नहीं चार फिल्मों के लिए एक साथ राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया जाता है। Actor Nawazuddin Siddiqui

 

प्रारंभिक जीवन (Nawazuddin Siddiqui Early Life) :

सिद्दीकी का जन्म 19 मई 1974 को भारत के उत्तर प्रदेश राज्य के मुज़फ्फरनगर जिले के छोटे से गाँव और तहसील बुधना में हुआ था। उनका जन्म एक ज़मीनदारी मुस्लिम परिवार में हुआ था। अपने आठ भाई-बहनों में वे सबसे बड़े है। Nawazuddin Siddiqui Biography in Hindi

 

शिक्षा (Nawazuddin Siddiqui Education) :

हरिद्वार के गुरुकुल कंगरी विश्वविद्यालय से उन्होंने विज्ञान ग्रेजुएट की डिग्री हासिल की। इसके बाद दिल्ली जाने से पहले उन्होंने वड़ोदरा में एक साल तक केमिस्ट के रूप में भी काम किया था। एक बार दिल्ली में, एक नाटक देखने के बाद ही उनमे एक्टिंग करने की रूचि पैदा हुई और तभी वे दिल्ली की नेशनल स्कूल ऑफ़ ड्रामा में दाखिल भी हुए, दाखिल होने के बाद उन्होंने अपने दोस्तों के साथ तक़रीबन 10 नाटक किये थे।

 

निजी जिंदगी (Nawazuddin Siddiqui Personal Life) :

सिद्दीकी अपने छोटे भाई शामस नवाब सिद्दीकी के साथ मुंबई में रहते है, उनका भाई डायरेक्टर है। नवाज़ुद्दीन ने अंजलि से शादी की है और उनकी एक बेटी शोरा और एक बेटा भी है, जिसका जन्म उनके 41 वे जन्मदिन पर हुआ था। उसका नाम यानी सिद्दीकी रखा गया। 

 

फिल्म करियर (Nawazuddin Siddiqui Film Career) :

राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय से ग्रेजुएट होने के बाद सिद्दीकी नेशनल स्कूल ऑफ़ ड्रामा में दाखिल हुए और फिर मुंबई चले गये। 2004 साल उनकी जिंदगी का सबसे ज्यादा संघर्ष भरा साल साबित हुआ, इस समय में वे किराया देने में भी असफल थे। रहने के लिए उन्होंने एन.एस.डी के अपने सीनियर से भी पूछा और सीनियर ने भी दया खाकर गोरेगाँव में रहने के लिए उन्हें अपना अपार्टमेंट दिया लेकिन उनकी शर्त थी की उन्हें रोज अपने सीनियर के लिए खाना बनाना पड़ता था।

सिद्दीकी ने 1999 में अपना बॉलीवुड डेब्यू किया था, उन्होंने आमिर खान की फिल्म सरफ़रोश में एक छोटा सा रोल किया था। इसके बाद फिल्म जंगल में उन्होंने मैसेंजर की भूमिका निभाई थी, लेकिन इसके बाद उन्हें केवल मेहमान भूमिका वाले रोल ही मिलने लगे थे। Nawazuddin Siddiqui Biography in Hindi

इसके बाद उन्होंने मुन्नाभाई एम.बी.बी.एस में सुनील दत्त और संजय दत्त के साथ काम किया था।फिर कुछ समय बाद मुंबई में ही स्थापित होने के बाद उन्होंने टेलीविज़न में काम ढूँढना शुरू किया लेकिन इनमे में उनके हाथ सफलता नहीं लगी।

इसके बाद 2003 में उन्होंने एक छोटी फिल्म बाईपास की, जिसमे उन्होंने इरफ़ान खान के साथ काम किया था। इसके अलावा 2002 से 2005 के बीच, वे तक़रीबन फिल्मो से दूर ही थे और अपने चार सहयोगियों के साथ वे फ्लैट में रहने लगे थे, और इस समय में छोटे-मोटे नाटको में रोल अदा करके वे अपना गुजारा करते थे।

2007 में अनुराग कश्यप की फिल्म ब्लैक फ्राइडे में उन्होंने एक पावरफुल रोल प्ले किया। मुख्य रोल में उनकी पहली फिल्म एक वेडिंग सिंगर चक्कू के रूप में भी जिस रोल को उन्होंने प्रशांत भार्गव की पतंग में निभाया था, उनके रोल की वजह से ही इस फिल्म को बर्लिन इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल और ट्रिबेका फिल्म फेस्टिवल में शामिल किया गया था। प्रसिद्ध फिल्म आलोचक रॉजर एबर्ट के अनुसार इसी फिल्म से उनकी एक्टिंग स्टाइल में परिवर्तन आया था।

2009 में उन्होंने फिल्म देव डी के गाने “इमोशनल अत्याचार” में कैमेयो रोल किया था। यह रोल उन्होंने रंगीला और रसीला के रूप में निभाया था। इसके बाद आलोचकों की नजर फिल्म न्यू यॉर्क में उनपर पड़ी। लेकिन उन्हें अंतर्राष्ट्रीय पहचान आमिर खान के प्रोडक्शन में बनी फिल्म पीपली लाइव (2010) में उनके द्वारा किये जर्नलिस्ट के रोल ने दिलवायी। Nawazuddin Siddiqui Biography in Hindi

2012 में आयी सफल फिल्म कहानी में दिखे, जिसमे उन्होंने शोर्ट-टेम्पर्ड इंटेलिजेंस ऑफिसर खान का रोल निभाया था। इसके बाद अनुराग कश्यप की एक और फिल्म “गैंग्स और वासेपुर” में वे फिल्म अपने नए अंदाज़ में दिखे। इसके बाद अशीम अहलुवालिया की फिल्म “मिस लवली में सोनू दुग्गल” के नाम से प्राइमरी रोल की भूमिका अदा की। इस फिल्म में उनके अभिनय की तारीफ 2012 के कैनंस फिल्म फेस्टिवल में भी की गयी थी, इस फेस्टिवल में उन्हें “मोस्ट रियल परफ़ॉर्मर” का दर्जा भी दिया गया था।

इसके बाद सिद्दीकी गैंग्स ऑफ़ वासेपुर पार्ट-2 में भी दिखे। 2013 में उन्होंने हॉरर फिल्म आत्मा की थी, जिसमे वे मुख्य भूमिका में नजर आये थे। फिर 2012 में आमिर खान की फिल्म तलाश में वे उन्होंने सराहनीय भूमिका अदा की थी। यु.एस और कनाडा में उनकी रिलीज़ फिल्म पतंग की न्यू यॉर्क टाइम्स और लोस एंजेल टाइम्स में काफी तारीफ़ की गयी थी। 2014 में उन्होंने फिल्म किक में शिव गजरा नाम के विलेन का किरदार निभाया था।

2015 में सिद्दीकी की फिल्म “बजरंगी भाईजान” और “मांझी – द माउंटेन मैन” रिलीज़ हुई और इन दोनों फिल्मो में दर्शको और आलोचकों ने उनके अभिनय की काफी प्रशंसा की थी। इसके बाद सिद्दकी गुजरात में आधारित फिल्म हर्रामखोर में दिखे। हर्रामखोर में उनके अभिनय के लिए, उन्हें न्यू यॉर्क इंडियन फिल्म फेस्टिवल में बेस्ट एक्टर का अवार्ड भी मिला है।

 

कोई उम्मीद भर नहीं आती, कोई सूरत नजर नहीं आती..
मौत तो एक दिन आती है, नींद रातभर क्यों नहीं आती..
पहले – पहले आती थी हाल  ए  दिल पे हंसी, अब किसी बात पर नहीं आती।

 

विवाद (Nawazuddin Siddiqui Dispute) :

  • अक्टूबर 2017 में, उनकी पूर्व प्रेमिका सुनीता राजवर और अभिनेत्री निहारिका सिंह ने नवाजुद्दीन सिद्दकी पर अपनी जीवनी “An Ordinary Life: A Memoir” में कुछ तथ्यों को गलत तरीके से प्रस्तुत करने का आरोप लगाया।
  • भारी आलोचना के चलते नवाज ने अपनी जीवनी के प्रकाशित होने के कुछ ही दिनों के बाद उसे वापस लेने की घोषणा कर दी।
  • नवाजुद्दीन के खिलाफ राष्ट्रीय महिला आयोग में शिकायत दर्ज की गई। निहारिका सिंह के वकील गौतम गुलाटी ने निहारिका की ओर से “एक औरत की गरिमा के हनन के लिए” नवाजुद्दीन के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई थी।
  • सुनीता राजवर ने भी नवाज पर अपने संस्मरण में उन्हें बदनाम करने के लिए मानहानि का मुकद्दमा दायर किया।

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