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राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की जीवनी | Pranab Mukherjee Biography in Hindi

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Pranab Mukherjee
Pranab Mukherjee
नाम प्रणव मुखर्जी
जन्म11 दिसंबर, 1935
जन्म स्थानवीरभूम, बंगाल
पिताकामदा किंकर मुखर्जी
माताराजलक्ष्मी मुखर्जी,
पत्नीसुरवा मुखर्जी 
पुत्रअभिजीत मुखर्जी, इंद्रजीत मुखर्जी
पुत्रीशर्मिष्ठा मुखर्जी
व्यवसायभारत के पूर्व राष्ट्रपति
पुरस्कारभारत रत्न, पद्म विभूषण
राजनैतिक पार्टी कांग्रेस
नागरिकताभारतीय

 

भारत के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी (Pranab Mukherjee Biography in Hindi) :

प्रणब मुखर्जी एक अनुभवी भारतीय राजनीतिज्ञ हैं, जो लगभग 6 दशकों से राजनीतिक जीवन काल में हैं भारतीय राजनीति में अपने कार्यकाल में उन्होंने कई मंत्री पदों पर सेवा की। प्रणब मुखर्जी देश के 13वें राष्ट्रपति थे जिन्होंने जुलाई 2012 से पद संभाला था।

मुखर्जी विदेशी मंत्री, रक्षा मंत्री, वाणिज्य मंत्री और वित्त मंत्री के रूप में अलग-अलग समय पर सेवा की वे दुर्लभ विशिष्टा के साथ शासन में अद्वितीय अनुभव वाले इंसान है। वे 1969 से राज्य सभा के लिए 5 बार चुने गए थे ओर 2 बार लोक सभा के लिए चुने गए थे। उन्हें कांग्रेस का संकटमोचक माना जाता है। President Of Pranab Mukherjee

 

प्रणव मुखर्जी का प्रारंभिक जीवन (Pranab Mukherjee Early Life) :

पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी का जन्म 11 दिसंबर, 1935 में बंगाल के वीरभूम जिले के मिरती गांव में हुआ था। इनके पिता का नाम कामदा किंकर मुखर्जी था। वे एक स्वतंत्रता संग्रामी थे और 1952-64 तक बंगाल विधानसभा के सदस्य भी रहे। इनके माता का नाम राजलक्ष्मी मुखर्जी था। घर में राजनैतिक माहोल होने की वजह से बचपन से ही प्रणव मुखर्जीजी का मन राजनीती में आने का था।

 

शिक्षा (Pranab Mukherjee Education) :

उन्होंने सूरी के ‘सूरी विद्यासागर कॉलेज’ से राजनीती शास्त्र एवं इतिहास में स्नातक किया था। इसके बाद उन्होंने इतिहास, राजनीती विज्ञान, वकालत की मास्टर डिग्री कोलकाता विश्विद्यालय से ली थी। उन्होंने अपना करिअर कॉलेज के प्राध्यापक के रूप में शुरू किया।

 

प्रणव मुखर्जी का राजनीतिक करियर (Pranab Mukherjee Political Career) :

अपने करियर की शुरुवात क्लर्क के पद पर ‘पोस्ट एंड टेलेग्राफ़ ऑफिस’ से की थी। 1963 में विद्यानगर कॉलेज में वे राजनीती शास्त्र के प्रोफेसर बन गए और साथ ही साथ देशेर डाक में पत्रकार के रूप में कार्य करने लगे।

1969 में प्रणव मुखर्जी ने संसद में प्रवेश किया था। भारत के तत्कालीन प्रधान मंत्री इंदिरा गांधी द्वारा उन्हें संसद के उच्च सदन के सदस्य के रूप में चुना गया था। 1973 से 1974 के बिच में उन्होंने, उप मंत्री, उद्योग मंत्री, वाहन और नववाहन मंत्री, इस्पात उद्योग मंत्री का कार्य किया।

1973 तक वह कैबिनेट में मंत्री रहे और इंदिरा गांधी के सबसे भरोसेमंद लेफ्टिनेंटों में से एक के रूप में उभरे। एक मंत्री के रूप में उनका पहला कार्यकाल 1982 से 1984 तक वित्त मंत्री का था।

70 और 80 के दशक में मुख्रेजी ने रीजनल रूलर बैंक और EXIM बैंक की भी स्थापना की जो एक अंतर्राष्ट्रीय बैंक थी। उन्होंने 1991 में गाडगिल फार्मूला भी बनाया था। Pranab Mukherjee Biography in Hindi

1980 से 1985 तक उन्होंने राज्य सभा में सदन के नेता के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रणब मुखर्जी राजीव गांधी के साथ बाद में सत्ता में हार गए, जिन्हें उन्होंने भारतीय राजनीति में अनुभवहीन महसूस किया, जबकि खुद को वास्तविक वारिस के रूप में देख रहे थे।

इसके परिणाम स्वरूप प्रणव मुखर्जी ने राष्ट्रीय समाजवादी पार्टी नामक एक नई पार्टी का गठन किया, थोड़े समय के बाद 1989 में राजीव गाँधी के साथ सुलह हो गई और वे एक बार फिर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से जुड़ गए।

1995 में पी वी नरसिम्हा राव जब प्रधानमंत्री थे तब उन्होंने प्रणव मुखर्जीजी को योजना आयोग का प्रमुख बना दिया। थोड़े समय बाद उन्हें केंद्रीय कैबिनेट मंत्री और विदेश मंत्रालय का कार्य भी सौंपा गया।

1997 में प्रणब को उत्कृष्ट सांसद चुना गया। प्रणब मुख़र्जी को गाँधी परिवार का वफादार माना जाता है और सोनिया गाँधी को कांग्रेस पार्टी का अध्यक्ष बनवाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। 1998-99 में जब सोनिया गाँधी कांग्रेस की अध्यक्ष चुनी गयीं तब उन्हें पार्टी का महासचिव बनाया गया।

2004 में प्रणव मुखर्जी ने जंगीपुर से चुनाव लड़ा और जीत हासिल कर लोकसभा सदस्य बन गए। इनके साथ ही साथ कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व में UPA बनी। इस दौरान मनमोहन सिंह को प्रधानमंत्री बनाया गया। प्रणव मुखर्जी मनमोहन सिंह के बाद कांग्रेस के दुसरे बड़े नेता थे।

2004 से 2006 के बिच में रक्षा मंत्री रहे। 2006 से 2009 में वे विदेश मंत्री बने। 2009 से 2012 में वे फिर वित्त मंत्री बने और 2004 से 2012 में लोक सभा के सदस्य रहे। Pranab Mukherjee Biography in Hindi

 

भारत के 13वें राष्ट्रपति बने (Pranab Mukherjee As a President of India) :

2012 में राष्ट्रपति चुनाव में वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन के उम्मीदवार थे और उन्होंने अपने प्रतिपक्षी पी.ए. संगमा को हराया और 25 जुलाई 2012 को भारत के 13वें राष्ट्रपति के रूप में पद की शपथ ली।

 

प्रणव मुखर्जी का निजी जीवन (Pranab Mukherjee Married Life) :

प्रणव मुख़र्जी की शादी 22 वर्ष की आयु में 13 जुलाई 1957 को शुभ्रा मुखर्जी के साथ हुआ था। उनके दो बेटे अभिजीत मुखर्जी, इंद्रजीत मुखर्जी और एक बेटी शर्मिष्ठा मुखर्जी हैं। उनके बड़े बेटे अभिजीत मुखर्जी ने पश्चिम बंगाल के उप-चुनाव में जंगीपुर से चुनाव लड़ा और कांग्रेस के सांसद बन गए। Pranab Mukherjee Biography in Hindi

 

अवार्ड्स (Pranab Mukherjee Awards) :

  • 1997 में उन्हें सर्वश्रेष्ठ संसदीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
  • 2007 में देश के दुसरे बड़े सम्मान “पद्म विभूषण” से सम्मानित किया गया।
  • 2010 में प्रणव जी को एक रिसर्च के बाद “फाइनेंस मिनिस्टर ऑफ़ दी इयर फॉर एशिया” के लिए अवार्ड दिया गया।
  • 2011 में वोल्वरहैम्टन विश्वविद्यालय द्वारा प्रणव जी को डोक्टरेट की उपाधि से सम्मानित किया गया।
  • 2013 में उन्हें बांग्लादेश का दूसरा सर्वोच्च पुरस्कार “बांग्लादेश मुक्तिजुद्दो सानमनोना” अवार्ड मिला।
  • 2019 में भारत के सर्वोच्च अवार्ड “भारत रत्न” मिला।

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