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राहुल गांधी की जीवनी | Rahul Gandhi Biography in Hindi

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Rahul Gandhi Biography In Hindi
Rahul Gandhi
पूरा नाम राहुल राजीव गांधी
जन्म       19 जून 1970
जन्मस्थान दिल्ली
पिता       राजीव फिरोज गांधी
माता      सोनिया गांधी
बहनप्रियंका गांधी
शिक्षा     कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय से विकास संबंधी शिक्षा
व्यवसायभारतीय राजनेता
राजनैतिक पार्टीभारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
नागरिकता भारतीय

 

राहुल गांधी की बायोग्राफी (Rahul Gandhi Biography in Hindi) :

राहुल गांधी एक भारतीय राजनेता और भारत के संसद के सदस्य हैं। भारतीय संसद के निचले सदन लोकसभा में उत्तर प्रदेश में स्थित अमेठी चुनाव क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। राहुल को 2009 के आम चुनावों में कांग्रेस को मिली बड़ी राजनैतिक जीत का श्रेय दिया गया है। उनकी राजनैतिक रणनीतियों में जमीनी स्तर की सक्रियता पर बल देना हैं। ग्रामीण जनता के साथ गहरे संबंध स्थापित करना और कांग्रेस पार्टी में आंतरिक लोकतंत्र को मजबूत करने की कोशिश करना प्रमुख हैं। 

 

प्रारंभिक जीवन (Rahul Gandhi Early Life):

राहुल गांधी  का जन्म 19 जून 1970 में भारत की राजधानी दिल्ली में हुआ था। भारत के भूतपूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी उनके पिता थे, और माता का नाम  सोनिया गांधी है। बचपन से ही इन्होने राजनीति को करीब से देखा था, बड़े बड़े नेता इनके घर में ही थे, और देश के बाकि नेताओं का भी इनके यहाँ आना जाना लगा रहता था। Rahul Gandhi Biography in Hindi

 

शिक्षा (Education):

राहुल गांधी ने अपनी स्कूल की पढ़ाई दिल्ली के संत कोलंबिया स्कूल से की थी। इसके बाद 1981 में इनका दाखिला देहरादून के दून स्कूल में करा दिया गया, जहाँ इन्होने दो सालों तक पढाई करी थी।

1984 में इंदिरा गांधी की हत्या कर दी गई थी, इसी के चलते राहुल गांधी और उनकी बहन प्रियंका गांधी को आगे की पढ़ाई के लिये स्कूल नहीं जाने दिया गया और घर पर ही उन्हें पढ़ाने की व्यवस्था की गई थी। ऐसें ही उन्होंने अपनी स्कूल की पढाई पूरी करी थी।

1989 में जब शांति का माहौल हो गया था, तब राहुल को कॉलेज की पढाई के लिए दिल्ली के सेंट स्टेफेन कॉलेज भेजा गया था। राहुल यहाँ एक साल तक ही पढाई करते है, उसके बाद आगे की पढाई के लिए, वे अमेरिका की हार्वर्ड युनिवर्सिटी चले गए थे। Rahul Gandhi Biography in Hindi

 

राजनीतिक करियर (Rahul Gandhi Political Career):

2003 में राहुल गांधी ने राष्ट्रीय राजनीति में रुचि लेना प्रारंभ किया। हालाँकि मीडिया में चर्चा थी की राहुल राजनीतिक मे प्रवेश कर रहे हैं। जिसकी उन्होंने पुष्टि नहीं थी, पर वे सार्वजनिक समारोहों में अपनी मां सोनिया गांधी के साथ दिखाई देने लगे।

2004 में राजनीति में प्रवेश करते ही इन्हे अपने परिवार की इमेज का फायदा मिला और ये अपने खानदानी गढ़ अमेठी निर्वाचन क्षेत्र से लोकसभा के लिए चुने गए। इसके बाद राहुल गांधी ने अपनी माता कांग्रेस की अध्यक्ष सोनिया जी के साथ विभिन्न सरकारी कार्यक्रम और पार्टी की बैठकों में भाग लेना शुरू किया। 

2006 में होने वाले चुनाव में इन्होने अपनी बहन प्रियंका गांधी के साथ मिलकर अपनी पार्टी के लिए चुनाव प्रचार किया, इस प्रयास में यह कामयाब रहें और इनकी पार्टी विजय रही। इसके बाद 2007 में भी राहुल ने उत्तर प्रदेश में हो रहे विधानसभा चुनावों में प्रचार के लिए महत्वपूर्ण भूमिका अदा की। Rahul Gandhi Biography in Hindi

2007 में ये भारतीय राष्ट्रीय छात्र संघ और पार्टी के युवा संघ के सचिव बने। इसके बाद 2008 में इन्होने युवा राजनीति में सुधार के लिए युवाओं के साक्षात्कार लिए और इसमे विस्तार के लिए 40 सदस्यों को युवा कांग्रेस में शामिल किया। इनके इस प्रयासो से युवा कांग्रेस में 20 से 25 हजार सदस्यों की वृद्धि देखी गई, जो कि एक बड़ी उपलब्धि थी। 

2009 में ये अमेठी निर्वाचन क्षेत्र में पुनः अपनी सीट बरकरार रखने में सफल रहें। इस बार पुनः इन्होने उत्तर प्रदेश में होने वाले चुनावों में बहुत मेहनत की, और इस बार पार्टी ने वहाँ 80 में से 20 सीटो पर अपना कब्जा जमाया। इसके लिए इन्होने 8 दिनों तक पूरे देश का दौरा किया और करीब 125 रेलियों को संबोधित किया। 

2011 में इनके राजनीतिक करियर का कठिन समय आया। जब ये उत्तर प्रदेश के परसौल गाँव में वहाँ के किसानों के साथ राजमार्ग के लिए कृषि भूमि अधिग्रहण मामले में विरोध प्रदर्शन कर रहें थे, तो इन्हे जिला प्रशासन द्वारा गिरफ्त में लिया गया। 

2012 में पुनः उत्तर प्रदेश के चुनावों में इन्होने अपने आप को पूरी तरह झौक दिया और 200 रेलिया आयोजित की। इस बार पार्टी ने यहां 28 सीटे जीती, फिर भी पार्टी यहां चौथे स्थान पर रहीं। 

 

कांग्रेस के उपाध्यक्ष के रूप में (Rahul Gandhi Vice President of Congress) :

19 जनवरी 2013 में जयपुर में आयोजित पार्टी सदस्यों की मीटिंग में इन्हे कांग्रेस पार्टी का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया। अब आधिकारिक तौर पर ये ऐसे द्वितीय व्यक्ति थे, जिसके हाथ में पार्टी की कमान थी, और प्रथम स्थान पर इनकी माता सोनिया जी थी। 

2013 में राहुल का पार्टी में पावर तब देखा गया, जब इन्होने मनमोहन सरकार की खुली आलोचना की, जबकि प्रधानमंत्री द्वारा सुप्रीम कोर्ट के फैसले “दोषी आदमी चुनाव नहीं लड़ सकता” को अध्यादेश जारी कर रद्द किया गया था। 

राहुल गांधी ने 2014 के आम चुनाव में अमेठी लोकसभा क्षेत्र से खड़े हुए थे। यहाँ उनके विरोध में भाजपा की तरफ से स्मृति ईरानी खड़ी थी। राहुल को यहाँ लाखों वोट के मार्जिन से जीत हासिल हुई थी। इस वर्ष पार्टी को अपनी सबसे बड़ी हार का सामना करना पड़ा। तब 2014 में बीजेपी की बहोत बड़ी जित हुई और नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) को भारत के प्रधान मंत्री बनाया गया।

 

कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष के रूप में (Rahul Gandhi President of Congress) :

2017 में सोनिया जी ने कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष पद में अपनी जगह अपने बेटे राहुल गांधी को बैठा दिया था। बाद में राहुल गांधी के अध्यक्षता में कांग्रेस की कई राज्यों में लगातार हार के बाद 2019 में फिर से कांग्रेस की अध्यक्ष बन गई।

 

राहुल गांधी पर किताबे (Books on Rahul Gandhi) :

  • राहूल- द फर्स्ट अथॉरिटेटिव बायोग्राफी (Rahul: The First Authoritative Biography)
  • डिकोडिंग राहुल गांधी (Decoding Rahul Gandhi)

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