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राजेन्द्र कुमार पचौरी की जीवनी | Rajendra Pachauri Biography in Hindi

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Rajendra K Pachauri Biography In Hindi
Rajendra Kumar Pachauri
पूरा नाम डॉ. राजेन्द्र कुमार पचौरी
जन्म  20 अगस्त, 1940
जन्मस्थान नैनीताल, उत्तराखंड
पिताआत्म राम पचौरी
मातासुमित्रा पचौरी
पत्नीसरोज पचौरी
पुत्रऐश पचौरी
पुत्रीशोनाली पचौरी
शिक्षा Ph.D
पुरस्कारपद्म भूषण, नोबेल पुरस्कार
नागरिकताभारतीय

 

राजेन्द्र कुमार पचौरी (Rajendra Pachauri Biography in Hindi) :

राजिंद्र कुमार पचौरी द एनर्जी रिसोर्सेज इंस्टीट्यूट (TERI) के पूर्व अध्यक्ष और महानिदेशक थे। 2007 के लिए पूर्व संयुक्त राज्य अमेरिका के उपाध्यक्ष अल गोर के साथ IPCC की ओर से नोबेल शांति पुरस्कार प्रदान किया गया था Great Director Rajendra Kumar Pachauri

 

प्रारंभिक जीवन (Rajendra Kumar Pachauri Early Life) :

डॉ. राजेंद्रकुमार पचौरी इनका जन्म 20 अगस्त 1940 में उत्तराखंड के निसर्ग सौंदर्य ओर लोगप्रिय पर्यटनस्थल नैनीताल में हुआ। उनके पिता का नाम आत्माराम पचौरी और माता का नाम सुमित्रा पचौरी था। निसर्गरम्य वातावरण, हसीन वादियो में उनका बालपन जाने लगा। छोटे थे तभी उन्हें निसर्गरम्य सौन्दर्य देख के उन्हें अचंभा लगता था। निसर्ग की कला उनके बालपन में समज में नही आती थी। स्कूल में जाते, तब टीचर को प्रश्न कर के अचंभित करते थे।

 

शिक्षा (Rajendra Kumar Pachauri Education) :

राजेन्द्रकुमार जी की प्राथमिक पढ़ाई नैनीताल में हुई। डॉ. राजेन्द्रकुमार पचौरी प्रायमरी पढ़ाई के बाद में आगे की पढ़ाई लखनऊ की सुप्रसिद्ध कॉलेज ‘लॉ मार्टिनियर’ में हुई। 1972 में रालेघ, ‘नार्थ कैरोलिना युनिव्हर्सिटी’, अमेरिका में इंड्रस्ट्रियल इंजिनिअरींग में एम.एस की डिग्री प्राप्त की। इंड्रस्ट्रियल इंजिनिअरींग अर्थशास्त्र विषय में पीएचडी की डिग्री प्राप्त किए। राष्ट्र कार्य में मग्न होकर, पुरे विश्व का ध्यान अपने तरफ आकर्षित किया।

 

राजेन्द्र कुमार पचौरी के करियर (Career of Rajendra Kumar Pachauri) :

डॉ. राजेन्द्र कुमार पचौरी ने डीजल लोकोमोटिव वर्क्स, वाराणसी से अपने करियर की शुरुआत की। यहां उन्होंने कई वरिष्ट प्रबंधकीय पदों पर कार्य को बखूबी अंजाम दिया। पचौरी भारत लौटे तो उनका अनुभव भी उनके साथ था। भारत लौटकर पचौरी एडमिनिस्ट्रेटिव स्टाफ कॉलेज, हैदराबाद में बतौर सीनियर फैकल्टी मेम्बर नियुक्त हुए।

1975 से 1979 तक आप यहीं कार्यरत रहे, यहां उल्लेख करना प्रासंगिक होगा कि हैदराबाद के इसी एडमिनिस्ट्रेटिव स्टाफ कॉलेज में देश के वरिष्ट नौकरशाहों की प्रशिक्षित किया जाता है। जुलाई 1979 से 1981 मार्च तक पचौरी कंसलटिंग एंड एप्लाइड रिसर्च डिविजन में डायरेक्टर रहे। Rajendra Pachauri Biography in Hindi

भारत सरकार की अनेक कमेटियों में भी पचौरी की सहभागिता रही। बतौर मेम्बर पचौरी ऊर्जा के क्षेत्र में दक्षता रखने वाले पैनल में शामिल किए गए। ट्राइरीम साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च फाउंडेशन के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स में उन्हें शामिल किया गया। इंडिया इंटरनेशल सेंटर की एक्जीक्यूटिव कमेटी के वे 1985 से मेम्बर हैं। 1987 से इंडिया हैबिटेट सेंटर की गवर्निंग काउंसिल का मेम्बर होने के साथ ही एडमिनिस्ट्रेटिव स्टाफ कॉलेज के कोर्ट ऑफ गवर्नर्स के भी वे सदस्य हैं।

 

TERI का डायरेक्टर बने (Rajendra Kumar Pachauri Become Director of TERI) :

  • 1981 में पचौरी ने टाटा एनर्जी रिसर्च इंस्टिट्यूट (TERI) का कार्यभार बतौर डायरेक्टर संभाला। उर्जा, पर्यावरण, वन, बायोतकनिक तथा प्राकृतिक संपदाओं के अनुरक्षण के क्षेत्र में TERI को महारत हासिल है।
  • 1988 में संयुक्त राष्ट्र संघ के पर्यावरण कार्यक्रम तथा विश्व जलवायु संगठन ने IPCC की स्थापना की, और उसके चेयरमैन बने। Rajendra Pachauri Chairman of IPCC
  • 2000 में पचौरी येल यूनिर्वसिटी, अमेरिका के स्कूल ऑफ एनवायरमेंटल एंड फ़ॉरेस्ट स्टडीज से बतौर फैलो जुड़े। 
  • 1999 में पचौरी को दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे हेरिटेज फाउंडेशन का अध्यक्ष नियुक्त किया गया।
  • 2001 में उन्हें प्रधानमंत्री के प्रति उत्तरदायी इकोनॉमिक एडवाइजरी काउंसिल का मेम्बर बनाया गया।
  • 2001 में पचौरी TERI संस्थान के शीर्ष यानी डायरेक्टर जनरल के पद पर पहुंच गए।
  • 20 अप्रैल 2002 को पचौरी ने इस संस्था के चेयरमैन का पदभार संभाला।

 

अवार्ड और सम्मान (Rajendra Kumar Pachauri Awards) :

2001 भारत सरकार ने पचौरी को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए ‘पद्म विभूषण’ से सम्मानित किया। Rajendra Pachauri Biography in Hindi

जब 2007 के नोबेल शांति पुरस्कार की घोषणा हुई तो भारतीयों का प्रसन्न होना स्वाभाविक था। 9 वर्ष पूर्व अर्थशास्त्र का नोबेल अमर्त्य सेन को मिला था और अब भारत के जाने-माने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चित पर्यावरणविद् डॉ. राजेन्द्र कुमार पचौरी को अमेरिकी उपराष्ट्रपति अल्बर्ट ऑर्नल्ड गोर गुनियर के साथ संयुक्त रूप से 2007 का नोबेल शांति पुरस्कार मिला। Rajendra Pachauri Won Nobel Prize

 

मृत्यु (Rajendra Pachauri Death) :

79 वर्ष की उम्र में 13 February 2020 को राजिंद्र कुमार पचौरी का निधन हो गया।

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