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प्रतिभा पाटिल की जीवनी | Pratibha Patil Biography in Hindi

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Pratibha Patil Biography In Hindi
Pratibha Patil Ji
पूरा नाम प्रतिभा देवीसिंह शेखावत
जन्म 19 दिसम्बर 1934
जन्मस्थान नाडेगाव, जि .बोदवड, महाराष्ट्र
पिता  नारायण राव पाटिल
पतिदेवीसिंह रणसिंह शेखावत
संतानराजेंद्र शेखावत, ज्योति राठौर
शिक्षाराजनीति विज्ञान और अर्थशास्त्र
व्यवसायभारत की प्रथम महिला राष्ट्रपति
पुरस्कारग्लैमर अवार्ड द चॉइस ओन्स
कार्य काल25 जुलाई 2007 – 24 जुलाई 2012
नागरिकताभारतीय, ब्रिटिश राज

 

प्रथम महिला राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल (Pratibha Patil Biography in Hindi) :

भारत देश की पहली महिला राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल का नाम हम गौरव से लेते है। प्रतिभा जी सफल राजनेता, समाज सेविका के रूप में जानी जाती है। अपने पिता से प्रेरित होकर प्रतिभा जी ने देश की राजनीती में कदम रखा था। जिस तरह इंदिरा गांधी देश की प्रथम महिला प्रधानमंत्री है, उसी तरह प्रतिभा जी को प्रथम महिला राष्ट्रपति (First Woman President of India) तथा क्रमानुसार 12 वी राष्ट्रपति रह चुकी है।

 

प्रारंभिक जीवन (Pratibha Patil Early Life) :

प्रतिभा पाटिल जन्म 19 दिसम्बर 1934 को महाराष्ट्र के जलगाव जिले के बोदवड तहसील के नाडेगाव में हुआ था। उनके पिता नारायण राव स्थानिक राजनेता और सरकारी वकील थे। प्रतिभा पाटिल का विवाह (Pratibha Patil Marriage) 7 जुलाई 1965 को डॉक्टर देवीसिंह रामसिंह शेखावत के साथ 31 वर्ष की उम्र में हुआ था। उन्हें दो बच्चे हुए. एक बेटा राजेन्द्र सिंह और एक बेटी ज्योति राठौड।

 

शिक्षा (Education) :

उन्होंने अपनी प्राथमिक शिक्षा आर.आर. विद्यालय, जलगाव से ग्रहण की और गवर्नमेंट लॉ कॉलेज, मुंबई से लॉ डिग्री प्राप्त की। उनके महाविद्यालयीन दिनों में, वे सक्रीय रूप से खेलो में भाग लेती थी। 1962 में उन्हें ऍम.जे. कॉलेज की कॉलेज क्वीन की पदवी से नवाजा गया। प्रतिभा जी ने वकालत की प्रैक्टिस जलगाँव जिला कोर्ट से शुरू की।

 

प्रतिभा पाटिल राजनीतिक करियर (Pratibha Patil Political Career) :

प्रतिभा जी का राजनीतिक सफ़र 27 साल की उम्र से तब शुरू हुआ, जब वे महाराष्ट्र के जलगाँव सीट से विधानसभा सदस्य बनी। 1962 से लगातार 4 साल तक प्रतिभा जी मुक्ति नगर विधानसभा से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की टिकट प्राप्त कर जीतती रही और MLA के पद में विराजमान रही।

1967-72 के बीच प्रतिभा पाटिल  शिक्षा के उप मंत्री का कार्य संभाला और साथ ही साथ दुसरे मंत्रालयों के कार्य देखे। वे प्रदेश कांग्रेस समिति महाराष्‍ट्र की अध्यक्ष और महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष की लीडर भी रही। Pratibha Patil Biography in Hindi

1972 से 74 तक सामाजिक कल्याण की कैबिनेट मंत्री बनी।

1974 से 75 तक सामाजिक स्वास्थ और कल्याण मंत्री बनी।

1975 से 76 तक महाराष्ट्र सरकार के मंत्रिमंडल की शराबबंदी, स्वास्थ और संस्कृति मंत्री बनी।

1977 से 78 तक महाराष्ट्र सरकार के मंत्रिमंडल की शिक्षा मंत्री बनी।

1979 से 1980 तक CDP की विरोधी नेता बनी।

1982 से 85 तक महाराष्ट्र राज्य के जल प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की अध्यक्ष भी रही।

1985 में प्रतिभा जी AICC की मेम्बर बन गई।

1988 से 90 तक महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष रही।

1988 में वे राष्ट्रमंडल प्रेसीडेंसी अधिकारी सम्मेलन की मेम्बर रही, जो लन्दन में हुई थी।

1991 से 96 तक घरेलु समिति, लोकसभा की अध्यक्षा बनी।

1995 में ‘वर्ल्डस विमेंस कांफ्रेंस’ जो बीजिंग में उनको प्रतिनिधि के तौर में चुना गया।

2004 से 2007 तक राजस्थान की राज्यपाल बनी।

 

प्रतिभा पाटिल राष्ट्रपति के पद पर (Pratibha Patil As a President of India) :

ए पी जे अब्दुल कलाम के बाद राष्ट्रपति पद के लिए कांग्रेस की तरफ से प्रतिभा पाटिल का नाम सामने रखा गाय, उनके सामने विरोधी के रूप में भैरोसिंह शेखावत थे। 25 जुलाई 2007 में अपने विरोधी भैरोसिंह शेखावत को 3 लाख वोटों से हरा कर प्रतिभा पाटिल जी राष्ट्रपति पद की शपथ ली थी। Pratibha Patil Biography in Hindi

प्रतिभा देवीसिंह पाटिल भारत की पहली महिला राष्ट्रपति तथा क्रमानुसार 12 वी राष्ट्रपति रह चुकी है। जब वे राष्ट्रपति बनी थी तभी उन्होंने एक इतिहास रचा था। क्यू की भारत के सर्वोच्च पद पर रहने वाली वह पहली महिला थी। प्रतिभा पाटिल 25 जुलाई 2012 तक इस पद पर कार्यरत रहीं और उसके बाद राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने राष्ट्रपति पद की गद्दी को संभाला।

प्रतिभा पाटिल सामाजिक कार्य (Pratibha Patil Social Work) :

राजनीती के अलावा श्रीमती प्रतिभा पाटिल जी हमेशा सामाजिक कार्यो से भी जुड़ी रही। महिलाओं के कल्‍याण और ग्रामीण अर्थव्‍यवस्‍था के विकास के लिए प्रतिभा पाटिल जी ने बहुत से कार्य किये। जलगांव जिले में महिला होम गार्ड की स्थापना की। निर्धन और जरूरतमंद महिलाओं के लिए सिलाई, संगीत एवं कंप्यूटर की कक्षायें भी खुलवाई।

पिछड़े वर्गों, गरीब और अन्‍य वर्गों के बच्‍चों के लिए नर्सरी स्‍कूल की स्थापना भी प्रतिभा पाटिल जी ने की। अमरावती में दृष्टिहीनों के लिए एक औद्योगिक प्रशिक्षण विद्यालय और किसानों को अच्छी फसल उगाने की वैज्ञानिक तकनीकें सिखाने के लिए ‘कृषि विज्ञान केंद्र’ की स्थापना की। मुंबई और दिल्ली में घर से दूर रहने वाली कामकाजी लडकियों और महिलाओं के लिए हॉस्टल खुलवाए।

राष्ट्रपति बनने के बाद प्रतिभा जी ने महिला विकास के ओर विशेष ध्यान दिया, महिला और बाल विकास के लिए कई नियमों का उल्लेखन प्रतिभा जी ने करवाया। प्रतिभा जी राष्ट्रपति पद पर कार्यरत रहते हुए एक अच्छी सामाजिक कार्यकर्त्ता भी थी। वे समय समय पर बच्चों व महिलाओं से मिलकर उनकी समस्या सुनती थी, और उसके निदान के लिए तुरंत कदम उठती थी।

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