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साइना नेहवाल की जीवनी | Saina Nehwal Biography in Hindi

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Saina Nehwal Biography In Hindi
Saina Nehwal
पूरा नाम साइना हरवीर सिंह  नेहवाल
जन्म    17, मार्च 1990
जन्मस्थान हिसार
माता    उषा रानी  नेहवाल
पिता   हरवीर सिंह  नेहवाल
पत्नीपरूपल्ली कश्यप
व्यवसायएथलीट, भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी
पुरस्कारपद्म भूषण, पद्म श्री, अर्जुन अवार्ड
नागरिकताभारतीय

 

बैडमिंटन खिलाडी साइना नेहवाल (Saina Nehwal Biography in Hindi) :

साइना नेहवाल भारत की महिला बैडमिंटन खिलाड़ी है। ये लम्बे समय तक विश्व की नंबर 1 खिलाड़ी रही है, अपनी प्रतिभा के चलते इन्हें पूरी दुनिया में प्रसिद्धी मिली है। 2004 से साइना बैडमिंटन खेल में सक्रीय है, इस दौरान इन्होने बहुत से पदक, अवार्ड्स और अचीवमेंट हासिल की। 2009 तक साइना बैडमिंटन की टॉप 10 खिलाड़ी की लिस्ट में रही है। 2015 में साइना वर्ल्ड रैंकिंग में पहले स्थान पर थी। इस जगह पहुँचने वाली ये पहली भारतीय महिला थी, साइना तीन बार भारत की तरफ से ओलंपिक में खेल चुकी है। 

 

प्रारंभिक जीवन और शादी (Saina Nehwal Early Life and Marriage) :

साइना नेहवाल का जन्म 17 मार्च 1990 को हरियाणा के हिसार जिले में हुआ था। साइना के पिता का नाम हरवीर सिंह और माता का नाम उषा रानी है। साइना की माता अपने वक्त में राज्य स्टार बैडमिंटन खिलाडी रह चुकी हैं। सायना नेहवाल को बैडमिंटन विरासत में मिली है यह कहना गलत नहीं होगा। 

सायना ने 14 दिसम्बर 2018 को कोर्ट मैरेज कर ली थी। साइना और बैडमिंटन खिलाड़ी पारुपल्ली कश्यप ने अदालत के नियमों से शादी की। Saina Nehwal Biography in Hindi

 

शिक्षा (Education) :

साइना नेहवाल ने अपनी स्कूल की पढ़ाई की हरियाणा के हिसार के एक स्कूल से की थी, लेकिन उनके पिता का हैदराबाद ट्रांसफर हो जाने की वजह से उनके पूरे परिवार को हैदराबाद शिफ्ट होना पड़ा। जिस की वजह से उन्हें बारहवी और कॉलेज की पूरी शिक्षा हैदराबाद के सेंट कॉलेज से करनी पड़ी।

 

बैडमिंटन की शुरूआत (Saina Nehwal Beginning of Badminton) :

साइना को बहुत ही कम उम्र से बैडमिंटन में लगाव हो गया था। इसलिए सायना को उनके माता    ने सिर्फ आठ साल की उम्र से ही बैडमिंटन के गुण सीखने शुरू कर दिए थे। जिस के बाद उन के पिता ही उन्हें लाल बहादुर स्टेडियम में बैडमिंटन की कोचिंग के ले गए। उस वक्त सायना के कोच नानी प्रसाद बने थे। जो सायना नेहवाल को बहुत ही सख्त कोचिंग देते थे। 

साइना के घर से लाल बहादुर स्टेडियम करीबन 25 किलोमीटर दूर था। इसलिए सायना के पिता उसे रोज सुबह 4 बजे स्टेडियम के लिए ले जाते थे। जंहा पर सायना करीबन दो घंटे कड़ी मेहनत करती थी। 

 

बैडमिंटन करियर (Saina Nehwal Badminton Career) :

साइना अपने शुरूआत वक्त में एक आक्रामक खिलाडी के रूप में उभरी थी। साइना ने अपना पहला टूनामेंट साल 2002 में खेला था। जिसमें उसने जूनियर सीजेक ओपन में भाग लिया और उसमें जीत भी हासिल की थी। Saina Nehwal Biography in Hindi

2004 में कॉमनवेल्थ यूथ गेम्स में भाग लिया था। जिसमें साइना दूसरे स्थान पर रही थी। साल 2005 में साइना ने एशियन सेटेलाइट बैडमिंटन टूनामेंट में भाग लिया था। जिस टूनामेंट में उन्होंने सिर्फ भाग नहीं लिया बल्कि उस में जीत भी हासिल की थी।

2006 में साइना ने एशियन सेटेलाइट बैडमिंटन टूनामेंट फिर से जीता और इसे लगातार दूसरी बार जितने वाली वह पहली महिला बनी थी। 2006 के मई महीने में साइना नेहवाल ने चार स्टार टूनामेंट में हिस्सा लिया और जिस में से एक फिलीपींस ओपन खिताब जीता था।

इस खिताब को जीतने के साथ ही उन्होंने सबसे कम उम्र में फिलीपींस ओपन खिताब जीतने वाली पहली खिलाड़ी भी बनी। सिर्फ भारत की नहीं बल्कि एशिया की पहली खिलाड़ी बनी थी। Saina Nehwal Biography in Hindi

2009 में साइना नेहवाल ने दुनिया का सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाला इंडोनेशिया ओपन जीता और इस अवार्डको जीतने वाली पहली भारतीय महिला थी। इस खिताब के साथ ही उन्होनें भारत सरकार ने अर्जुन अवार्ड से सम्मानित किया। 

2010 में इंडिया ओपन ग्रैंड प्रिक्स गोल्ड में हारकर टूर्नामेंट से बाहार हो गई थी। लेकिन इसके बाद वह सिंगापुर ओपन सुपर सीरीज 2010 में फिर से नंबर 1 रही। फिर चीन की विश्व चैंपियन लू लान को हराकर फाइनल में स्थान पाया और मैच को जीता भी। 

2012 साइना ने थाइलैंड की रत्चानोक इंथेनॉन को हराकर थाइलैंड ओपेन ग्रैंड प्रिक्स गोल्ड मेडल अपने नाम किया था। Saina Nehwal Biography in Hindi

2012 लंदन ओलंपिक में, साइना नेहवाल ने ब्रॉन्ज़ मेडल जीता और बैडमिंटन में ओलंपिक मेडल जीतने वाली प्रथम भारतीय बनीं।

26 जनवरी 2014 को साइना ने भारत की ही वर्ल्ड चैम्पियनशीप पी वी सिन्धु, जिन्हें ब्रोंज मैडल मिला हुआ था, उन्हें हरा दिया और ‘इंडिया ओपन ग्रांड प्रिक्स गोल्ड टूर्नामेंट’ महिला एकल में जीत दर्ज कराई। इस साल इनकी रैंकिंग नंबर 7 की थी।

2015 में ‘इंडिया ओपन ग्रांड प्रिक्स गोल्ड’ में एक बार फिर साइना को जीत मिली। इसके बाद साइना ‘आल इंग्लैंड ओपन बैडमिंटन चैम्पियनशीप’ के फाइनल में पहुंची। 2015 को साइना को ‘इंडिया ओपन BWF सुपर सीरीज’ के द्वारा ‘वीमेन सिंगल्स’ का ख़िताब दिया गया। इसके बाद 2 अप्रैल को BWF की रैंकिंग के अनुसार साइना को वर्ल्ड नंबर 1 बैडमिंटन खिलाड़ी का सम्मान मिला।

2016 की शुरुवात में साइना कई तरह की चोटों से परेशान रही, लेकिन जल्द ही उन्होंने अपने स्वास्थ्य को ठीक कर लिया। इस साल उन्होंने एशियन चैम्पियनशीप में ब्रोंज मैडल जीता।

यह विश्व बैडमिंटन चैम्पियनशिप में नेहवाल का लगातार दूसरा ब्रोंज मैडल था एवं उन्होंने लगातार 7 बार क्वार्टर फाइनल जीते थे।इसके बाद 82 वें राष्ट्रीय बैडमिंटन चैम्पियनशिप में साइना ने पी वी सिंधू को हराकर जीत हासिल की थी।

2018 में साइना ने कामनवेल्थ खेलों के एकल महिला खेल के फाइनल में पीवी सिन्धु को हराकर अपना दूसरा गोल्ड मेडल हासिल किया था।

2019 में भी साइना ने अच्छी शुरुआत की है। इस साल उनका पहला टूर्नामेंट मलेशिया मास्टर्स रहा है, जहाँ उन्होंने जापान की नोजोमी ओकूहारा को हराया और वे क्वार्टर फाइनल में पहुँच गई थी। किन्तु इसमें वे विश्व प्रसिद्ध कैरोलाइना मरीन से सेमिफाइनल में हार गई।

 

पुरस्कार (Saina Nehwal Awards) :

  • 2008 में विश्व बैडमिंटन संघ के द्वारा सबसे होनहार खिलाड़र का अवार्ड मिला था।
  • 2009 भारत सरकार ने साइना को अर्जुन अवार्ड से नवाजा था।
  • 2009-2010 में उन्हें राजीव गाँधी खेल रत्न अवार्ड भी मिला था। 
  • 2010 में एक बार फिर भारत सरकार ने उन्हें पद्म श्री अवार्ड से नवाजा था।
  • 2016 में साइना को भारत सरकार ने पद्म भूषण से सम्मान किया गया था।

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