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राइट ब्रदर की जीवनी | Wright Brothers Biography in Hindi

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Wright Brothers Biography
Orville and Wilbur Wright
पूरा नामओरविल और विलबर राइट
जन्म 19 अगस्त 1871
जन्मस्थानडेटन, ओहियो
पिता  मिल्टन राईट
मातासुसान कैथरीन कोएनेर राइट
पुरस्कारकोलियर ट्रॉफी
व्यवसाय प्रकाशक, बाइसिकल निर्माता, हवाईजहाज आविष्कारक/निर्माता
नागरिकताअमेरिकी

 

विमान के पहले खोजकर्ता “राइट ब्रदर” (Wright Brothers Biography in Hindi) : 

विलबर राइट व ओरविल राइट बसुओं को हवाई जहाज की खोज की प्रेरणा दी होगी, और उन्होंने इसी से प्रेरित होकर आकाश में उड़ने वाले हवाई जहाज का आविष्कार कर डाला ईश्वर द्वारा बनाई गयी सृष्टि में अनेक जीव-जन्तुओं ने इस संसार में जन्म लिया, जिसमें पशु-पक्षियों को मानव की तुलना में कुछ विशिष्ट प्राकृतिक गुण प्राप्त हुए हैं। पक्षियों को मुक्त आकाश में विचरण करते देखकर मनुष्य यही सोचा करता होगा, कि काश वह भी उनकी तरह उड़ पाता। First Explorers of Aircraft Wright Brothers

 

प्रारंभिक जीवन (Wright Brothers Early Life) :

राइट बंधू के नाम से मशहूर विलबर का जन्म सन् 16 अप्रैल, 1867 को इंडियाना में तथा ओरविल राइट का जन्म डेटन ओहियो में 19 अगस्त, सन् 1871 में हुआ था। असल में दो अमेरिकी भाई, खोजकर्ता और विमान के पहले खोजकर्ता है, जिन्हें दुनिया के पहले सबसे सफल एयरप्लेन की खोज करने, बनाने और उसे उड़ाने का श्रेय दिया जाता है। Wright Brothers Biography in Hindi

उनके पिता मिल्टन राइट चर्च में काम करते थे। सन् 1878 में वे चर्च के बिशाप भी बने। उनकी माता भी चर्च सम्बन्धी कार्य में पिता का हाथ बंटाया करती थीं। बचपन से राइट बस्तुओं की रुचि कुछ ऐसे मशीन सम्बन्धी कामों में लगी रहती थी, जो ऊंचाई तक जा सकें। 

 

शिक्षा (Wright Brothers Education) :

ओरविल को पैसा कमाने का काफी शौक था। उन्होंने तो गरमी की छुट्टियों में छापेखाने में काम करते हुए न केवल हाईस्कूल की परीक्षा पूरी की, बल्कि टाइपसेटर बनने के साथ-साथ समाचार-पत्र का प्रकाशन किया। दिलबर गाता की बीमारी की वजह से हाई स्कूल की पढाई पूरी नहीं कर पाये थे। 

 

राइट बंधू का करियर (Wright Brothers Career) :

अमेरिका के हटिंगटन स्थित यूनाइटेड ब्रेदेन चर्च में बिशप के पद पर कार्यरत उनके पिता ने बचपन में उन्हें एक खिलौना हेलीकॉप्टर दिया था। जिसने दोनों भाइयों को असली का उड़न यंत्र बनाने के लिए प्रेरित किया। कागज, रबर और बांस का बना हुआ यह हेलीकॉप्टर फ्रांस के एयरोनॉटिक विज्ञानी अल्फोंसे पेनाउड के एक अविष्कार पर आधारित था। दोनों में इस खिलौने को लेकर जबरदस्त उत्सुकता थी। दोनों रात दिन इस खिलौने से जब तक खेलते रहे। तब तक ये टूट नहीं गया। 

राइट बंधू ने एक ऐसा हवाई जहाज बनाने का प्रयास शुरू कर दिया, जो कि हवा से भारी हो। उसगें इंजन प्रोपेलर लगे हों। वह आदमी सहित आकाश में उड़ सके। उन्होंने पहले ग्लाइडर बनाया और उसका परीक्षण करने के लिए पहाडी स्थान पर चल दिये, जो 12 सैकण्ड तक हवा में रहने के बाद पृथ्वी पर आ गिरा। Wright Brothers Biography in Hindi

17 दिसम्बर, 1903 को उन्होंने पहली नियंत्रित और निरंतर उड़ान भरने वाली फ्लाइट बनाई थी, जो एयरक्राफ्ट से भी ज्यादा भारी थी। 1904-05 में राइट बंधुओ ने पहले प्रैक्टिकल तय विंग विमान में फ्लाइंग मशीन विकसित की थी।

राइट बंधू विमान को बनाने और उड़ाने वाले पहले व्यक्ति ही नही बल्कि विमान को नियंत्रित करने वाली फ्लाइट की खोज करने वाले भी वे पहले व्यक्ति थे। इन बंधुओ को अपनी मौलिक सफलता तीन-अक्षो को नियंत्रण करने में मिली, जिससे पायलट आसानी से विमान को रास्ते पर ला सकता था, और उसके संतुलन को भी बनाए रख सकता था। इसके बाद से यही विधि सभी प्रकार के विमानों को नियंत्रित करने की विधि बन चुकी थी।

वैमानिक कार्य के शुरू से ही राइट बंधू का ध्यान पायलट के नियंत्रण के लिए एक विश्वसनीय तरीका विकसित करने पर था, ताकि पायलट उड़ने के दौरान आणि वाली समस्याओ को दूर कर सके। उनका यह दृष्टिकोण उस समय के दुसरे खोजकर्ताओ से काफी अलग था। उस समय दुसरे खोजकर्ता शक्तिशाली इंजन को विकसित करने में ज्यादा ध्यान लगा रहे थे। 

छोटी और घर पर ही बनाई हुई, हवा सुरंग का उपयोग कर, राइट ने सटीक डाटा भी जमा कम लिया था, जिनकी सहायता से वे आसानी से डिजाईन और पंख बना सके, और इससे पहले इतना सटीक डाटा किसी ने जमा नही किया था। उनका पहला यूनाइटेड स्टेट पेटेंट, 821393, इस बात का दावा नही करता की उन्होंने ही फ्लाइंग मशीन की खोज की है, लेकिन इसकी बजाये उसमे वैमानिक नियंत्रण तंत्र की खोज का उल्लेख किया गया है।

इसके बाद अपनी दूकान में प्रिंटिंग प्रेस, बाइसिकल, मोटर्स और दूसरी मशीनो के साथ काम करके उन्होंने काफी मैकेनिकल ज्ञान और तकनीके हासिल कर ली थी। बल्कि बाइसिकल के साथ किये गये, उनके कार्यो ने उनके भरोसे को और अधिक बढाया और उन्हें इस बात का यकीन भी हो चूका था, की अनियंत्रित गाड़ी जैसे फ्लाइंग मशीन को कोशिशो के साथ नियंत्रित और संतुलित भी किया जा सकता है। Wright Brothers Biography in Hindi

1900 से 1903 में अपन पहली पॉवर फ्लाइट तक उन्होंने व्यापक ग्लाइडर टेस्ट करवाए, जिससे पायलट के रूप में उनका कौशल भी विकसित होता गया। उनकी बाइसिकल शॉप का एम्प्लोयी चार्ली टेलर उनके समूह का मुख्य सदस्य बन चूका था, राइट बंधुओ ने अपने पहले एयरप्लेन इंजन का निर्माण उसके साथ मिलकर ही किया था।

राइट बंधुओ को एयरप्लेन की खोज का दर्जा दिए जाने पर बहुत से लोगो ने इसके अधिन शंका भी जाहिर की थी। प्राचीन उड़ाकूओ ने भी इसका विरोध किया और उस समय एक बड़ा विवाद खड़ा हो चूका था। उस समय डेटन एविएशन हेरिटेज नेशनल हिस्टोरिकल पार्क के इतिहासकार एडवर्ड रोअच ने यह दावा किया था, की वे खुद एक अच्छे इंजिनियर है। जो छोटी कंपनी चलाते है, लेकिन उन्होंने कहा था, की मुझमे एविएशन उद्योग को नियंत्रित करने वाली योग्यताए और कौशक नही है।25 मई 1910 को हुफ्फ्मन प्रैरी वापिस आकर ओर्विल्ले ने दो फ्लाइट को संचालित किया।

पहली उड़ान उन्होंने 6 मिनट की फ्लाइट में विल्बुर के पास यात्री के रूप में भरी और यही एकमात्र समय था। जब राइट बंधू ने साथमे उड़ान भरी हो। उस समय उन्हें उनके पिता से भी उड़ान भरने की इजाजत मिल चुकी थी। वे अक्सर मिल्टन को कहते रहते थे, की वे कभी साथ में यात्रा नही करते, क्योकि ऐसा करके वे कभी भी किसी दोहरी त्रासदी का शिकार नही बनना चाहते।

क्योकि उनके अनुसार उड़ान के दौरान यदि कोई त्रासदी होती भी है, तो एक भाई को तो भी प्रयोग करने के लिए जीवित रहना होंगा। दूसरी उड़ान में वे अपने 82 साल के पिता को अपने साथ 7 मिनट की फ्लाइट में ले गये। उस समय यह विमान तक़रीबन 350 फीट ऊँचा गया था। इतना ऊँचा जाने के बावजूद बड़े राइट ने अपने बेटे से कहा था, “और ऊँचा ओर्विल्ले, और ऊँचा” 

वैज्ञानिकी के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए ऑरविल को अनेक पुरुस्कार मिले। प्रथम डेनिएल गुगेनहेम मेडल उन्हें 8 अप्रैल, 1930 को दिया गया। Wright Brothers Biography in Hindi

 

म्रुत्यु (Wright Brothers Death) :

  • (विलबर)

वायुयान की खोज के बाद एक नये युग की शुरुवात हो चुकी थी। विश्व में एक क्रान्ति आ चुकी थी, राईट बन्धु घर गृहस्थी में सुखपूर्वक जीवन व्यतीत कर रहे थे, कि विलबर टाइफाइड का शिकार हो गया। 29 मई 1912 को उसका असमय प्राणांत हो गया। बूढ़े पिता मिल्टन राइट ने विलबर की अंतिम क्रिया करते हुए, उसकी विलक्षण प्रतिभा ,परिश्रमशीलता पर गर्व करते हुए, बड़ा दुःख जताया। इसे बीच ओरविले अकेले रहकर अपनी प्रयोगशाळा में हवाई जहाज में लगातार सुधार कार्य करते रहे।

  • ओरविल

विल्बर के देहांत के बाद वो भी भीतर से टूट चुके थे। ओरविल जहा हवाई जहाज के आविष्कार से जितने प्रस्सन थे, उतने ही वह दुखी हो गये जब प्रथम विश्वयुद्ध में हवाई जहाजो ने विनाशकारी बम ले जाकर मानव के विरुद्ध ही उसका इस्तेमाल होने लगा था। अंतिम समय तक कार्य करते हुए ओरविल को प्रयोगशाळा में दिल का ऐसा दौरा पड़ा कि 30 जनवरी, 1948 को उनके प्राण पखेरू उड़ गये। उनकी शवयात्रा पुरे सैनिक सम्मान के साथ 4 जेट विमानों की गडगडाहट के साथ निकाली गयी।

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