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योगी आदित्यनाथ की जीवनी | Yogi Adityanath biography in Hindi

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Yogi Adityanath biography  in Hindi
Yogi Adityanath
नाम योगी आदित्यनाथ
जन्म  5 जून 1972
जन्मस्थानपौड़ी गढ़वाल जिला, उत्तर प्रदेश, भारत
पिता  श्री आनंद सिंह बिष्ट
माता  श्रीमती सावित्री देवी
शिक्षाB.Sc, M.Sc
व्यवसायराजनीतिज्ञ
राजनितिक दल भारतीय जनता पार्टी
राष्ट्रियता  भारतीय

 

राजनीतिज्ञ योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath biography in Hindi) : 

योगी आदित्यनाथ एक भारतीय पुजारी और हिंदू राष्ट्रवादी राजनीतिज्ञ हैं, जो 26 मार्च 2017 से उत्तर प्रदेश के वर्तमान मुख्यमंत्री हैं। योगी आदित्यनाथ की एक छवि हिंदुत्व फायरब्रांड के रूप में है। 1994 में ये सन्यासी बन गए। वह गोरखनाथ मठ के मुख्य पुजारी भी हैं। योगी आदित्यनाथ ने हिंदू युवा वाहिनी, युवा संगठन की स्थापना की, जो सांप्रदायिक हिंसा में शामिल होने के लिए जाना जाता है। Politician Yogi Adityanath

 

प्रारंभिक जीवन (Yogi Adityanath Early Life) :

योगी आदित्यनाथ का वास्तविक नाम अजय सिंह बिष्ट है। अजय सिंह बिष्ट का जन्म 5 जून 1972 को पिचूर गाँव, यमकेश्वर तहसील पौढी गडवाल उत्तराखंड में एक राजपूत परिवार में हुवा था। इनके पिता का नाम आनंद सिंह बिष्ट और माता का नाम सावित्री देवी है। उनके पिता वन फोरेस्ट रेंजर थे। योगी जी अपने माता -पिता की पाँचवी औलाद है। योगी जी की तीन बड़ी बहने एक बड़े भाई और दो छोटे भाई है। Yogi Adityanath biography in Hindi

 

शिक्षा (Yogi Adityanath Education) :

योगी जी ने 1977 में टिहरी गडवाल के गजा के स्कूल से अपनी शिक्षा की शुरुआत की। 1989 को इन्होने ऋषिकेश के भरत मन्दिर इन्टर कॉलेज से 12th पास करी और 1992 में हेमवती नन्दन बहुगुणा गडवाल विश्वविद्यालय से इन्होने गणित में B.Sc की और इसी कॉलेज से M.Sc भी की।

 

गोरखनाथ मन्दिर के महंत बने (Yogi Adityanath Mahants of Gorakhnath Temple) :

आदित्यनाथ ने 21 वर्ष की आयु में अपने परिवार को त्याग दिया और 1993 में योगी जी गोरखपुर आए और यहाँ उनकी मुलाक़ात गोरखनाथ मन्दिर के महंत अवैधनाथ जी हुई और उनके शिष्य बने। इसके बाद, उन्हें ‘योगी आदित्यनाथ’ नाम दिया गया और महंत अव्यानाथ के उत्तराधिकारी के रूप में नामित किया गया। महंत अवैधनाथ जी की म्रत्यु के बाद योगी जी को गोरखनाथ मन्दिर का महंत बना दिया गया। वहां एक स्कूल की स्थापना 1998 में हुई।

12 सितंबर 2014 को उनके शिक्षक महंत आवेदनाथ की मृत्यु के बाद उन्हें गोरखनाथ गणित के महंत या महायाजक के पद पर पदोन्नत किया गया था। योगी आदित्यनाथ को 14 सितंबर 2014 को नाथ संप्रदाय के पारंपरिक अनुष्ठानों के बीच गणित के पीताधारीश्वर बनाया गया था। Yogi Adityanath biography in Hindi

 

राजनीतिक कैरियर (Yogi Adityanath Political Career) :

योगी आदित्यनाथ को 1994 में गोरखनाथ के प्रमुख पुजारी के रूप में नियुक्त किया गया था और देश के बारहवें लोकसभा चुनाव में गोरखपुर से चुनाव जीत कर 26 वर्ष की उम्र में सबसे कम उम्र के सांसद बने। 1998 से लगातार गोरखपुर क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। योगी यूपी बीजेपी के बड़े चेहरे माने जाते है। योगी आदित्यनाथ 2014 में पांचवी बार लोकसभा सांसद बने। योगी के गुरु अवैद्यनाथ ने 1998 में राजनीति से संन्यास लिया और योगी आदित्यनाथ को अपना उत्तराधिकारी घोषित कर दिया। यहीं से योगी आदित्यनाथ की राजनीतिक पारी शुरू हुई।

1999 में तेरहवीं लोकसभा में ये पुनः निर्वाचित हुए और पुराने सभी पदों पर बने रहे। 2004 में अपनी इसी सीट से इन्होने चुनाव जीता और सभी पुराने पदों पर काम करते रहे। 2009 में पन्द्रहवें लोकसभा में इन्हें लोगों ने फिर से अपना प्रतिनिधि चुना और इस बार वे परिवहन, पर्यटन और संकृति के कमिटी मेम्बर हुए। इसके बाद 2014 में भारत के सोलहवें लोकसभा में ये गोरखपुर सीट से चुनाव जीत कर लोकसभा सांसद बने। Yogi Adityanath biography in Hindi

 

हिंदू युवा वाहिनी के संस्थापक (Yogi AdityanathFounder of Hindu Yuva Vahini) :

योगी आदित्यनाथ हिंदू युवा वाहिनी के संस्थापक भी हैं, हिंदू युवा वाहिनी संगठन हिन्दू युवाओं का सामाजिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रवादी समूह है। ये संगठन हमेशा किसी न किसी विवाद में उलझा रहा। इस संगठन पर 2005 में मऊ में हुए दंगे का आरोप भी लगा था। यह दंगा भारतीय जनता पार्टी के एक विधायक कृष्णानंदा राय की हत्या के आरोपी मुख़्तार अंसारी को लेकर हुआ था। Yogi Adityanath biography in Hindi

 

कट्टर हिंदूवादी छवि (Yogi Adityanath Staunch Hinduist) :

कट्टर हिंदूवादी और नाथ सम्प्रदाय के प्रमुख भाजपा से पांच बार सांसद रहे योगी से महंथ बने आदित्यनाथ को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के लिए विधायक दल का नेता चुन लिया गया। राम मंदिर आंदोलन से जुड़े रहे नाथ सम्प्रदाय के महंथ अबैद्य नाथ ने योगी को न सिर्फ दीक्षा देकर गोरखनाथ मंदिर का उत्तराधिकारी बनाया बल्कि अपने ही नेतृत्व में देश की सबसे बड़ी पंचायत में 1998 में सांसद बनवाने का काम किया।

2007 के गोरखपुर में हुए दंगों में योगी का नाम भी आया और उन्हें मुलायम सरकार में गिरफ्तार भी किया गया। छुआछूत और हिन्दू जातियों को एकता के सूत्र में पिरोने में माहिर योगी के गुरु अवैद्यनाथ की वर्ष 2015 में मौत के बाद योगी आदित्य नाथ महंत आदित्यनाथ बन गए।

 

भाजपा में योगी का योगदान (Yogi Adityanath Contribution to BJP)

योगी काफ़ी लम्बे समय से भाजपा से सम्बन्ध रखते हैं। 2006 में उन्होंने गोरखपुर में एक विराट हिन्दू सम्मलेन का आयोजन किया था। इसी समय लखनऊ में भाजपा राष्ट्रीय कार्यकारी बैठक रखी थी। इस दौरान 2007 में उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनाव में पार्टी और योगी के बीच तनाव देखा गया। हालाँकि बाद में सब सामान्य हो गया।

 

उत्तरप्रदेश मुख्यमंत्री (Yogi AdityanathUttar Pradesh Chief Minister) :

योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के 2017 विधानसभा चुनावों में एक प्रमुख भाजपा प्रचारक थे। उत्तरप्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की एक प्रकांड बहुमत से जीत के बाद मुख्यमंत्री पद की दौड़ में कई नेता दिखे। इस सभी को पीछे छोड़ते हुए योगी आदित्यानाथ ने बीती 19 मार्च 2017 को मुख्यमंत्री के पद के लिए शपथ ग्रहण किया।

योगी के शपथ समारोह में केंद्र के कई बड़े नेता प्रधानमंत्री मोदी  के साथ एक ही मंच पर दिखे। योगी ने मुख्यमंत्री बनते हुए सामाज के सभी समुदायों और वर्गों के लिए कार्य करने की शपथ ली। इनके कैबिनेट में कुल 47 मंत्री शामिल हैं। योगी ने मुख्यमंत्री बनने के साथ ही अपने फैसले सुनाने शुरू कर दिए है। उन्होंने उत्तरप्रदेश के लोगों के लिए कई बड़ी बातों का ऐलान किया है।

सत्ता में आने के बाद, उन्होंने उत्तर प्रदेश के सरकारी कार्यालयों में गाय तस्करी, तम्बाकू, पैन और गुटका पर प्रतिबंध लगा दिया और राज्य में विरोधी-रोमीओ दस्ते बनाए। इसके अलावा उत्तर प्रदेश पुलिस ने 100 से ज्यादा पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। Yogi Adityanath biography in Hindi

 

विवाद (Yogi Adityanath Dispute) :

7 सितम्बर 2008 को आजमगढ़ में जानलेवा हिंसक हमला हुआ था। इस हमले में सांसद योगी आदित्यनाथ बाल-बाल बच गये। यह हमला इतना बड़ा था की सौ से अधिक वाहनों को हमलावरों ने घेर लिया और लोगों को लहुलुहान कर दिया।

आदित्यनाथ गोरखपुर दंगों के दौरान तब गिरफ्तार किया गया जब मुस्लिम त्यौहार मोहर्रम के दौरान फायरिंग में एक हिन्दू युवा की जान चली गयी। जिलाधिकारी ने बताया की वह बुरी तरह जख्मी है। तब अधिकारियों ने योगी को उस जगह जाने से मना कर दिया परन्तु आदित्यनाथ उस जगह पर जाने को अड़ गए। Yogi Adityanath biography in Hindi

उन्होंने शहर में लगे कर्फ्यू को हटाने की मांग की। अगले दिन उन्होंने शहर के मध्य श्रद्धान्जली सभा का आयोजन करने की घोषणा की लेकिन जिलाधिकारी ने इसकी अनुमति देने से इनकार कर दिया। आदित्यनाथ ने भी इसकी चिंता नहीं की और हजारों समर्थकों के साथ अपनी गिरफ़्तारी दी।

आदित्यनाथ को जेल भेज दिया गया। उन पर कार्यवाही का असर हुआ कि मुंबई-गोरखपुर गोदान एक्सप्रेस के कुछ डिब्बे फूंक दिए गए, जिसका आरोप उनके संगठन हिन्दू युवा वाहिनी पर लगा।

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