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युरी गैगरिन की जीवनी | Yuri Gagarin Biography in Hindi

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Yuri Gagarin Biography in Hindi
Yuri Gagarin
नामयुरी गैगरिन
जन्म9 मार्च 1934
जन्मस्थक्लूशीनो, रूस, सोवियत संघ
पिताएलेक्सी एवोंविच गागरिन
माताअन्ना टिमोफ़ेयेवना गागरिना
पत्नी वेलेंटीना
पुत्रीगैलीना गागरिना
शिक्षाओरेनबर्ग मिलिट्री एविएशन पायलट हाई स्कूल
सम्मानअंतरिक्ष यात्री, अंतरिक्ष में पहले मानव
व्यवसाय पायलट
राष्ट्रीयता रशियन

 

अंतरिक्ष यात्री युरी गैगरिन (Yuri Gagarin Biography in Hindi) :

युरी गैगरिन एक रशियाई सोवियत पायलट और अंतरिक्ष यात्री थे। 12 अप्रैल, 1961 को जब उनके वोस्टोक विमान ने पृथ्वी की परिक्रमा पूरी की तो वे बाह्य अंतरिक्ष की यात्रा करने वाले वे पहले मानव बन गए। इसके बाद गैगरिन एक अंतर्राष्ट्रीय सेलेब्रिटी बन चुके थे, और उन्होंने बहुत से मेडल्स और शीर्षकों सेभी सम्मानित किया जा चूका है। जिनमे सोवियत संघ के हीरो का सम्मान भी शामिल है। यह उनके राष्ट्र के सर्वोच्च पुरस्कारों में से एक है। The Great Astronaut Yuri Gagarin

 

प्रारंभिक जीवन (Yuri Gagarin Early Life) : 

युरी गागरिन का जन्म 9 मार्च, 1934 को पश्चिमी मास्को में एक छोटे से गाँव क्लुशिनो में हुआ। रूस को तब सोवियत संघ के नाम से जाना जाता था। वो चार भाई-बहन थे, जहा उनके पिता एलेक्सी एवोंविच गागरिन बढाई का काम किया करते थे, और माँ अन्ना टिमोफेय्ना  गागरिन दूध की डेयरी में काम करती थी। Yuri Gagarin Biography in Hindi

यूरी के बारे में एक बात मशहूर है, जब वह 6 साल के थे तब दूसरे विश्व युद्ध के दौरान उनके घर पर एक नाजी अधिकारी ने कब्जा कर लिया था। गागरिन परिवार को फ़ार्म में उनके घर से बेघर कर दिया गया। इसलिए उनका परिवार दो साल तक झोपड़ी में रहा। नाजियो ने युरी गागरिन की दो बहनो को भी बंधुआ मजदूर बनाकर जर्मनी भेज दिया।

 

शिक्षा (Yuri Gagarin Education) :

1946 में उनका परिवार गज्हत्स्क चला गया। जहाँ गैगरिन ने अपनी माध्यमिक पढाई पूरी की। 1950 में 16 साल की उम्र में गैगरिन ने मास्को के पास ल्युबेर्टसी स्टील प्लांट में फाउंड्रीमैन के रूप में शागिर्दी में प्रवेश किया, और साथ ही वे सेवेंथ ग्रेड की पढाई के लिए यंग वर्कर्स स्कूल में दाखिल हुए। सरातोव के एक ट्रेड स्कूल में गागरिन की पढाई आरंभ हुई, उन्हें गणित और भौतिकी में दिलचस्पी थी। इसी स्कूल में उन्होंने धातुओ का काम सीखा।

यही के एक लोइंग क्लब में भी उन्होंने दाखिला ले लिया, और जल्द ही हवाई जहाज उडाना सीख गये वर्ष 1955 में उन्होंने पहली बार अकेले हवाई जहाज उड़ाया, उड़ान के प्रति रुझान बढ़ने के कारण उन्होंने सोवियत एयरफोर्स की नौकरी कर ली। उड़ान की सटीक कुशलता देख अधिकारियों ने उन्हें आरेनबर्ग एविएशन स्कूल में भेज दिया, जहा वो मिग विमान उडाना सीख गये। Yuri Gagarin Biography in Hindi

 

युरी गैगरिन का करियर (Yuri Gagarin Career) :

वर्ष 1957 में ही उन्होंने उच्च श्रेणी से ग्रेजुएशन उत्त्तीर्ण किया, अब वो फाइटर पायलट बन गये, लेकिन उनका सपना अन्तरिक्ष में उड़ान भरना था। जब सोवियत सरकार ने अंतरिक्ष में जाने के लिए आवेदन मांगे तो 3000 आवेदन आये। जिनमे गागरिन भी एक थे। इनमे से 20 लोगो को ट्रेनिंग के लिए चुना गया, इनमे भी गागरिन का चयन हो गया था। जब ट्रेनिंग शुरू हुयी, तो एक एक कर सब लोग बाहर हो गये, और सबसे योग्य अन्तरिक्ष यात्री के रूप में गागरिन बचे रहे। उनका छोटा कद भी उनका सहायक बना , क्योंकि बोसत्क प्रथम का कैप्सूल लगभग उन्ही के आकार जितना था |

1955 में तकनिकी स्कूल से ग्रेजुएट होने के बाद, सोवियत आर्मी ने गैगरिन को अपने लिए तैयार कर दिया था। सिफारिश करने के बाद ही गैगरिन को ऑरेंबर्ग की एयर फोर्स पायलट स्कूल और 1957 में मिग 15 में भेजा गया था। ग्रेजुएशन के बाद उन्हें मुर्मंस्क ओब्लास्ट में लुओस्तरी एयरबेस सौपा गया, जो नॉर्वे की सीमा के पास ही है, जहाँ के ख़राब मौसम की वजह से उड़ान में हमेशा खतरा बना रहता है। 5 नवंबर, 1957 को वे सोवियत एयर फोर्स में लेफ्टिनेंट बने, 6 नवंबर, 1959 को उन्हें सीनियर लेफ्टिनेंट का रैंक दिया गया था।

12 अप्रैल, 1961 को 27 साल के पायलट ने अंतरिक्ष में कदम रख कर इतिहास रच दिया था। वह पहले शख्स थे जिन्होने दूसरे अंतरिक्ष यात्रियों को प्रेरणा दी, गागारिन ने पृथ्वी का एक चक्कर लगाकर अंतरिक्ष में मानव उड़ान के युग की शुरुआत की थी। इसलिए हर साल 12 अप्रैल को इंटनेशनल डे ऑफ ह्यूमन स्पेस फ्लाइट मनाया जाता है। Yuri Gagarin Biography in Hindi

12 अप्रैल, 1961 को रूसी-सोवियत पायलट गागरिन अंतरिक्ष अंतरिक्ष पहुंचाने वाला यान वोस्तोक रवाना हुए। जाते वक्त उनके पहले शब्द थे “पोयेख़ाली” जिसका अर्थ होता है। “अब हम चले” ये दुनिया के लिए ऐसा समय था जब कोई भी से नहीं जानता था, कि अंतरिक्ष में भारहीनता की स्थिति में पहुंचने पर गागरिन को क्या होगा। Yuri Gagarin Biography in Hindi

रुसी वैज्ञानिकों को इस बात का डर था, कि गागरिन भारशून्यता की स्थिति में बेहोश हो सकते हैं। लेकिन गागरिन ने कहा कि भार शून्यता की स्थिति उन्हें अच्छी लग रही है। यूरी ने पृथ्वी की कक्षा में 108 मिनट तक चक्कर लगाया। वो 203 मील की उंचाई पर 27000 किलोमीटर प्रतिघंटे की तेज गति का सामना किया।

अन्तरिक्ष में प्रविष्ट होकर गगारिन ने पृथ्वी का एक पूरा चक्कर लगाया। इस समय वोस्तक प्रथम की गति 28.260 किमी प्रति घंटा थी। इसके बाद सुबह 10 बजकर 55 मिनट पर उनका यान पृथ्वी पर लौट आया।

उनकी अन्तरिक्ष यात्रा ने अन्तरिक्ष युग का आरम्भ किया। वी अन्य अन्तरिक्ष यात्रियों को प्रशिक्षित करने लगे, लेकिन दुर्भाग्य से केवल 34 वर्ष की आयु में ही 27 मार्च, 1968 को जब वो एक मिगनड फाइटर जेट की परीक्षण उड़ान पर थे। वह दुर्घटना ग्रस्त हो गया और उनकी मृत्यु हो गयी। बाद में पता चला कि सामने से आते एक सुखोई फाइटर जेट ने उनके यान के पिछले भाग को टक्कर मार दी थी। जिससे उनका यान चक्कर खाकर नीचे गिर गया था। एक बहादुर अन्तरिक्ष यात्री का एक दुखद अंत हुआ, लेकिन विश्व इतिहास में हमेशा के लिए युरी गागरिन का नाम स्वर्ण अक्षरों में चिन्हित हो गया।

 

पुरस्कार और सम्मान (Yuri Gagarin The Honors) :

वहीं गागरिन अंतरिक्ष की यात्रा कर दुनिया भर में हीरो बन चुके थे। गागरिन को ऑर्डर ऑफ लेनिन और सोवियत संघ के हीरो के सम्मान से सम्मानित किया गया, स्मारक बनाए गए, और सड़कें उनके नाम पर कर दी गईं। ये वह मौका था, जब अंतरिक्ष में सोवियत संघ पहला इंसान भेज कर अमेरिका को तगड़ा झटका दे चुका था।

 

मृत्यु (Death) :

27 मार्च, 1968 को च्कलोवस्की एयर बेस से फ्लाइट की दैनिक ट्रेनिंग करते समय वह और उनके फ्लाइट प्रशिक्षक व्लादिमीर सेर्योगिन की मृत्यु मिग-15UTI में किर्जहाच शहर के पास हुए, क्रैश में हो गयी। गैगरिन और सेर्योगिन के शव को रेड स्क्वायर पर दफनाया गया, और वही उनका अंतिम संस्कार भी किया गया था।

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