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गुंजन सक्सेना की जीवनी | Gunjan Saxena Biography in Hindi

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Gunjan Saxena Biography in Hindi
Gunjan Saxena
नाम गुँजन सक्सेना
जन्म 04 जून 1972
जन्मस्थाननई दिल्ली
पितालेफ्टिनेंट
शिक्षाग्रेजुएट
पद इंडियन एयरफ़ोर्स पायलट (IAF)
कॉलेज हँसराज कॉलेज (DU)  
सम्मान शौर्य चक्र अवॉर्ड
नागरिकताभारतीय

 

पायलट गुंजन सक्सेना का जीवन परिचय (Gunjan Saxena Biography in Hindi) :

गुंजन सक्सेना  करगिल युद्ध में भारत ने विजय हासिल की थी। इसके साथ ही हमने दुनिया के सामने यह साबित कर दिया कि हम कितने सक्षम हैं। इस युद्ध की हिस्सा बनीं थी। फ्लाइट लेफ्टिनेंट गुंजन सक्सेना करगिल युद्ध लडऩे वाली पहली महिला पायलट थीं। उनके साथ यह लड़ाई उनकी साथी श्रीविद्या ने भी लड़ी थी। इस कारनामे के लिए गुंजन को शौर्य वीर सम्मान भी दिया गया था। Great pilot Of Gunjan Saxena

 

प्रारंभिक जीवन (Gunjan Saxena Early Life) :

गुंजन सक्सेना का जन्म 1975 में लखनऊ में एक आर्मी परिवार में हुआ था।  उनके पिता, लेफ्टिनेंट कर्नल (रिटायर्ड) ए-सक्सेना, और भाई दोनों ने भारतीय सेना में सेवा की थी। Gunjan Saxena Biography in Hindi

 

शिक्षा (Gunjan Saxena Education) :

1975 में आर्मी परिवार में पैदा हुई गुंजन सक्सेना का बचपन से आर्मी के प्रति बहुत लगाव था। अपने होम टाउन में ही अपनी स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के हंसराज कॉलेज में दाखिला लिया, और साथ ही सफदरजंग फ्लाइंग क्लब के साथ जुड़ गई। बचपन से ही उनका सपना वायु सेना के साथ जोड़ना था। जिसके लिए उन्होंने सफदरजंग फ्लाइंग क्लब में रहकर आधारभूत बातें सीखने आरंभ कर दी थी। सशस्त्र सीमा बल की पढ़ाई सफलतापूर्वक उन्होंने उत्तरण कर ली। उसके बाद एक पायलट के रूप में उन्होंने वायु सेना की ओर रुख किया।

 

निजी जीवन (Gunjan Saxena Married Life):

गुंजन की शादी भारतीय वायुसेना के एक अधिकारी से हुई। जो भारतीय वायु सेना के MI -17 हेलीकॉप्टर के पायलट हैं। आज वह अपनी गृहस्थी को संभाल रही हैं जिसमें उसका बेटा और एक बेटी भी है। Gunjan Saxena Biography in Hindi

 

करियर (Gunjan Saxena Career) :

1994 के दौरान 25 महिलाएं ऐसी थी। जिन्हें वायु सेना में एक प्रशिक्षित पायलट के रूप में चुना गया था। गुंजन सक्सेना पायलट के रूप में उधमपुर जम्मू और कश्मीर की ओर तैनात थी। 1999 में मिला जब भारत और पाकिस्तान के बीच कारगिल युद्ध आरंभ हुआ। उस समय उन्हें देश के लिए कुछ करने का सुनहरा अवसर प्राप्त हुआ था।

करगिल के दौरान गुंजन ने पहली बार छोटा चीता हेलिकॉप्टर उड़ाया था। द्रास और बटालिक इलाके को पाकिस्तानी सैनिक बुलेट और मिसाइलों से एयरफोर्स के हेलिकॉप्टर और एयरक्राफ्ट पर निशाना लगा रहे थे। वहीं गुंजन और श्रीविद्या के हेलिकॉप्टर में कोई हथियार नहीं था। ऐसे में जरूरत पडऩे पर दोनों खुद को बचा भी नहीं सकती थीं। फिर भी दोनों ने उत्तरी कश्मीर के इलाके में कई उड़ाने भरीं व भारतीय सेना के जवानों व उनके शवों को निकाला। 

उनकी यह यात्रा खतरे से भरी हुई थी। जिस इलाके में वे उड़ान भर रही थीं, वह पूरी तरह से खतरनाक था। वहां उनके दुश्मन उन पर नजर गड़ाकर खड़े थे। इन सब के बावजूद उन्होंने निडर होकर उड़ान भरी। इस मिशन के दौरान अगर जान भी गंवानी पड़ती, तो उन्हें तो कोई गम नहीं था। पाक सैनिकों की स्थिति का पता लगाने के लिए वे पाक के बेहद करीब उड़ानें भरती थीं। ऐसे में गुंजन पर एक बार हमला भी हुआ।

पाक सैनिक ने रॉकेट से गुंजन के एअरक्राफ्ट पर हमला किया। हालांकि निशाना चूक गया। इस घटना के बाद भी गुंजन अपने मिशन पर डटी रहीं। गुंजन मानती हैं कि करगिल के दौरान भारतीय सेना के घायल जवानों को सुरक्षित निकालकर लाना उनकी सबसे बड़ी प्रेरणा थी। Gunjan Saxena Biography in Hindi

उन्होंने इस हमले के बाद भी हिम्मत नहीं हारी और अपनी उड़ान को सदैव जारी रखा। उनकी इस हिम्मत और जज्बे को भारतीय सैनिक बेहद गर्व से सम्मान करते हुए उन की शौर्य गाथा गाते हैं और उन्हें उनकी इस वीरता के लिए उन्हें शौर्य चक्र वीरता पुरस्कार से सम्मानित भी किया जा चुका है । भारत के इतिहास में वह पहली भारतीय पायलट महिला हैं जिन्हें शौर्य चक्र वीरता पुरस्कार प्रदान किया गया है।

 

गुंजन सक्सेना के जीवन पर बन रही बायोपिक (Gunjan Saxena The Kargil Girl) :

करण जौहर के निर्देशन में धर्मा प्रोडक्शन ने घोषना की है की वो गुंजन सक्सेना पर “गुंजन सक्सेना द कारगिल गर्ल” के नाम से बायोपिक बनाएगी, जो साल 2020 में रिलीज होगी। इस फिल्म में गुंजन सक्सेना की भूमिका में जान्हवी कपूर नजर आएँगी। पंकज त्रिपाठी और अंगद बेदी सहायक की भूमिका में नजर आएंगे। इसे निर्देशक होंगे शरन शर्मा।

 

पुरस्कार और सम्मान (Gunjan Saxena The Honors) :

गुंजन सक्सेना को कारगिल युद्ध के दौरान बेहतरीन कार्य के लिए शौर्य वीर पुरस्कार से सम्मानित किया गया, इस पुरस्कार को पाने वाली वह पहली महिला बनीं। Gunjan Saxena Biography in Hindi

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