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होली त्यौहार पर निबंध | Essay on Holi Festival in Hindi

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Essay on Holi

 

होली त्यौहार पर निबंध (Essay on Holi Festival in Hindi) :

होली हिंदु धर्म के लोगो का दिवाली की तहत एक मुख्य त्यौहार माना जाता है। इस त्यौहार रंगो लगाना, मौज-मस्ती करना और मनोरंजन का त्यौहार है। हिंदू के साथ सभी धर्मो के लोगो इस त्यौहार को बड़े ही धामधूम और उत्साह पूर्वक मनाते हैं। होली त्यौहार सभी लोगों में प्यार और बंधुता की भावना उत्पन्न करता है।

( 1 ) यह होली त्यौहार वसंत ऋतु के आते ही स्वर, रंग, और संगीत के साथ बहोत खुशियों और बंधुता के साथ अपने रंग-दोरंगी मौसम में सब लोजो को ढंक लेता है।

( 2 ) हिंदू धर्म के यह मुख्य पर्व होली हिंदू कैलेंडर के अनुसार फाल्गुन महीने की पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। Essay on Holi Festival in Hindi

( 3 ) होली त्यौहार के पीछे इतिहासकारो में कई अलग अलग पौराणिक कहानिया है, लेकिन हिन्दू धर्म के विष्णु पुराण ग्रन्थ में उल्लेखित होलिका और प्रहलाद की कहानी सबसे ज्यादा विधिमान्य और प्रसिद्ध है।

 

प्रहलाद और होलिका की कथा (Story of Prahlada and Holika) :

( 1 ) हिन्दू के नारद पुराण के अनुसार भगवान विष्णु के भक्त प्रहलाद का पिता असुरराज हिरण्यकश्यप नहीं मर ने का वरदान की वजह से बहोत नास्तिक और अंकुशरहित हो गया था। उन्होंने अपने पुत्र प्रहलाद से विष्णु की भक्ति छोड़ के उनकी पूजा करने के लिए कहा, लेकिन कई कोशिश के बावजूद भी वह ऐसा करने में सफल नहीं हुआ।

( 2 ) राजा हिरण्यकश्यप ने अपने पुत्र प्रहलाद की विष्णु भक्ति के कारण उनको मारने का निर्णय किया। लेकिन प्रहलाद को मारने की कई प्रयासों के बावजूद भी वह सफल नहीं हो सके और बाद में प्रहलाद को मारने का कार्य उनकी बहन होलिका को करने के लिए कहा।

( 3 ) क्यूकी होलिका को भगवान से वरदान मिला था की वह अग्नि में जल नहीं सकती। हिरण्यकश्यप के कहने पर होलिका प्रहलाद को लेकर लकड़ी की चिता पर बैठ गई और चिता जलाई गई। लेकिन अग्नि की ज्वाला से होलिका जल गई और प्रहलाद को आंच भी नहीं आयी। इस घटना के बाद से लोगो इस त्यौहार के मनाने लगे।

 

होली – रंगों का त्यौहार (Holi Festival of Colors) :

( 1 ) होली के त्यौहार पर रंग-बेरंगी रंगों लगाने के साथ खुशियों का आनंदमय वातावरण देखने को मिलता है। इसी दिन रंगों से खेलते खेलते सब के मन में खुशीया, प्रेम और उत्साह फैल जाते हैं, और संगीत और रंगो के साथ सब लोग नाचकर उत्सव मानते है।

( 2 ) इस दिन दुश्मनी को भी दोस्ती में बदलकर रंगो में रंग जाने वाला यह पर्व होली भारत देश का केवल ऐसा त्यौहार है, जो देश के सभी धर्मो और नागरिको भातृत्व और मैत्रीपूर्वक मानते हैं।

( 3 ) इस होली के त्यौहार में भारत देश के सभी जातियाँ, भाषाओ और सभी धर्मो के लोगो भेदभाव भुलकर एक हो जाता है, इससे देश में सामाजिक मानवता और एकता का अनोखा संदेश मिलता है। Essay on Holi Festival in Hindi

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