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गणितज्ञ यूक्लिड का इतिहास | Euclid History in Hindi

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Euclid Biography In Hindi
Euclid

 

गणितज्ञ यूक्लिड (Euclid History in Hindi) :

यूक्लिड कभी-कभी एलेग्जेंड्रिया के यूक्लिड या फिर मेगारा के यूक्लिड के नाम से भी जाने जाते है, वे एक ग्रीक गणितज्ञ जो और साथ ही वे “ज्यामितीय के जनक” भी कहलाते है। टॉलेमी प्रथम के साम्राज्य में एलेग्जेंड्रिया में वे काफी सक्रीय थे। गणित के इतिहास में उन्होंने काफी प्रभावशाली कार्य किया है। Mathematician Euclid

 

यूक्लिड व्यक्तिगत जीवन (Euclid Life History) :

अलेक्सेन्ड्रिया का निवासी युक्लिड एक ग्रीक गणितज्ञ और अध्यापक था। उसके व्यक्तिगत जीवन के बारे में कुछ मालुम नही। आज तक ऐसे कोई भी कागजात नही मिले, जिनसे युक्लिड की जन्म या उसके जन्म-स्थान के बारे में जानकारी मिलती है। हम इतना जानते है कि वह अलेक्सेन्ड्रिया के राजकीय विद्यालय में गणित का अध्यापक था और उसकी लिखी पुस्तक की जितनी प्रतियाँ आज तक बिक चुकी है उतनी शायद बाइबिल को छोडकर किसी दुसरी पुस्तक की नही बिकी।

प्रोक्लुस के अनुसार यूक्लिड उनसे ज्यादा छोटे नही थे और उनके अनुसार वे टॉलेमी के समय में ही रहते थे क्योकि आर्कमिडीज (287-212 BC) में भी उनका वर्णन किया गया है। लेकिन कुछ लोगो का अभी भी ऐसा मानना है की यूक्लिड ने अपने कार्यो को आर्कमिडीज के शासनकाल से पहले ही अंजाम दी दिया था। Euclid Biography in Hindi

 

ज्यामितीय का जनक (Euclid Father of Geometry) :

युक्लिड को ज्यामितीय का जनक कहा जाता है। उसने ज्यामिति के सभी ज्ञात तत्वों का संग्रह किया। यूक्लिड ने अपनी किताब में ज्योमिति के सभी ज्ञात तत्वों का संग्रह किया है। यूक्लिड ने पहले के गणितज्ञ थेलिजपाइथागोरस, प्लेटो, थियोडोसिस जैसे गणितज्ञ की रचनाओं का संकलन किया था। व्यावहारिक आवश्यकताओ के कारण विकसित हुए इन सामान्यता विसंगत तत्वों को उसने सुबोध, सुसंगत और सुंदर पद्दति से सुव्यवस्थित किया ताकि एक प्रमाण अगले प्रमाण की आधारभूमि बनता जाए।

यह सब युक्लिड ने इस खूबी के साथ किया कि एक प्रमेय दुसरे गणितीय प्रमाण का आधार बनता चला गया और यह सिद्ध किया जा सका कि यदि मनुष्य अपनी विचार शक्ति का उपयोग करे तो वह कुछ भी कर सकता है।

ज्यामितीय शब्द का मूल अर्थ है “जमीन मापना”। जमीन मापने के लिए ही ज्यामितीय का विकास हुआ। जान पड़ता है कि मिस्त्र्वासियो ने ज्यामितीय के सैधांतिक पक्ष पर विशेष ध्यान नही दिया। हालांकि वर्षो से वे उन्ही सिधान्तो पर अमल कर रहे थे और अपना काम अच्छी तरह चला रहे थे।

 

यूक्लिड एलिमेंट्स बुक (Euclid Elements Book) :

यूक्लिड की इस महान किताब में प्रमेयों की संख्या बहुत है। यूक्लिड की यह रचना 13 खण्डों में है। एलिमेंट्स नामक इस ग्रन्थ के पहले खण्ड में वृत, त्रिभुज, रेखा, बिंदु के बारे में समझाया गया है। दूसरे खण्ड में “बीजगणित” के द्वारा “रेखागणित” की आकृतियां बनाना बताया गया है। तीसरे और चौथे खण्ड में वृत की जानकारी है। पांचवे और छठे खण्ड में अनुपात के सिद्धान्त है। सातवे, आठवें और नवे खण्ड में “अंकगणित” को समझाया है। बाकी के खण्ड ठोस ज्योमिति से सम्बंधित है जिसमे घन, पिरामिड की ज्योमिति समझाई गई है।

वेसे यूक्लिड एक महान शिक्षक थे जिन्होंने गणित को आसान भाषा मे समझाया। कई सौ सालों तक एलिमेंट्स पुस्तक गणित की प्रमुख पुस्तक रही। यूक्लिड की इस ज्योमितिय किताब से महान वैज्ञानिक आइंस्टीन भी काफी प्रभावित हुए थे।

उनकी मृत्यु के बाद भी आने वाले कयी महापुरुषों ने उनकी प्रतिभा का सम्मान किया और हमारे बाद भी आने वाली कयी सदियों तक ये दुनियाँ उनके योगदान को नही भुला पायेंगी। कुछ लोग उन्हें ग्रीक “गणितज्ञ” के नाम से भी जानते थे। उनके जीवन से संबंधित कुछ जानकारियाँ उनकी मृत्यु के बहुत समय बाद प्रोक्लुस सी. 450 AD और एलेग्जेड्रिया के पप्पुस ने 320 AD में दी थी। 

इसके साथ ही यूक्लिड ने दृष्टिकोण, शांक्व वर्ग, गोलीय ज्यामिति, नंबर सिद्धांत और सावधानियो पर भी अपने लेख और किताबे लिखी है। Euclid History in Hindi

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