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जानिए ताजमहल का इतिहास | History of the Taj Mahal

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History of the Taj Mahal
Taj Mahal

भारत के अजूबा ताजमहल (History of the Taj Mahal)

दुनिया की अजायबी ताजमहल भारत देश के खूबसूरत शहर आगरा में यमुना नदी के किनारे एक बहोत बड़ा मकबरा है। प्रेम का उदहारण माना जाने वाला ताजमहल भारत का नहीं विश्व का अजूबा और भारत देश की प्रतिष्ठा गर्व है। इस असाधारण स्मारक को मुग़ल सम्राट शाहजहाँ ने उसकी मानिती बेगम मुमताज़ की मृत्यु के बाद उनकी याद में एक सफ़ेद संगमरमर से तैयार किया गया था। भारत का नहीं बल्कि विश्व का सपना ताजमहल देखने का होता है। क्योकि ताजमहल को प्यार का पवित्र स्थान माना जाता है। Wonder of india Taj Mahal

ताजमहल एक ऐसा स्थल है जो कभी भुला नहीं जाता और यह भारत के यमुना नदी के तट पर स्थापित है। ताजमहल प्रेम की एक ऐसी शानदार इबादत है, की प्यार की इस अजूबा को देख के लगा आज भी प्रेम पर भरोसा करते है, क्योकि ताजमहल को प्रेम में त्याग, समर्पण, आनंद और वो सबकुछ मिलता है जो प्यार में पाया जाता है। History of the Taj Mahal in Hindi

ताजमहल का निर्माण की विशेषता (Construction feature of Taj Mahal) :

( 1 ) ताजमहल बनाने का प्रारंभ साल 1632 में हुआ था। इसका निर्माण मुग़ल के महान शासक सम्राट शाहजहाँ ने अपनी पत्नी मुमताज़ के मृत्यु के बाद उनकी याद में तैयार करवाया था। ShahJahan built the Taj Mahal

( 2 ) 1630 के दशक में शहंशाह शाहजहाँ का साम्राज्य अपना राज्य का बहोत विस्तार किया था। शाहजहाँ की अनेक बेगमो में से उनकी सबसे प्रिय और खूबसूरत मुमताज़ बेगम थी। लेकिन बेगम मुमताज़ अपने 14वे बच्चे के जन्म देते समय उनकी मृत्यु हो गयी। बाद उनके उस बच्चे का नाम गौहर बेगम रखा गया।

( 3 ) मुमताज की मृत्यु के बाद शाहजहाँ चाहते थे की बेगम मुमताज़ को दुनिया हमेंशा याद रखे और शाहजहाँ और मुमताज के प्रेम को भी दुनिया हमेशा याद रखे। इसीलिए शाहजहाँ ने विचार करके मुमताज की याद में ऐतिहासिक धरोहर का निर्माण करना चाहते थे, इस ऐतिहासिक धरोहर मे से ताजमहल का निर्माण कार्य शुरू हुआ।

( 4 ) ताजमहल का ईमारत का कार्य साल 1643 में ही पूरा हो गया था लेकिन उसकी सौंदर्य और शोभा को ओर बढ़ाने के लिये 10 सालो तक ज्यादा कार्य किया गया।

( 5 ) इसके बाद ताजमहल का निर्माणकार्य साल 1653 के आसपास में पूर्ण हो गया और तबके समय ताजमहल बनाने में अंदाजित 32 मिलियन का खर्चा लगा था।

( 6 ) ताजमहल बनाने का श्रेय अहमद लाहौरी को मिला था क्यूकी वह उनमे मुख्य निर्माणकर्ता था। इसके साथ इस निर्माण में कुल 25 हजार से भी ज्यादा लोगो जुड़े हुए थे। इनमे सभी कलाकारी के लोग शामिल थे जैसे की पेंटर, मजदुरो और आर्टिस्टो कार्यरत थे।

( 7 ) साल 1983 में ताजमहल को यूनेस्को ने दुनिया की धरोहर स्थलो में स्थान दिया। साथ ही ताजमहल को दुनिया की धरोहर स्थलों में हर जगह सराहना मिलने वाली श्रेष्ठ मानवीय कृतियों में स्थान मिला।

( 8 ) भारत देश की मुस्लिम कौशल का रत्न भी ताजमहल को दिया गया। रविन्द्रनाथ टैगोर ने ‘दी टियर-ड्राप ऑन दी चीक ऑफ़ टाइम’ में लिखा, की मुग़ल कालीन के समय कई अन्य ऐसी वस्तुओ का भी उल्लेख किया था, और भारत की ऐसी ऐतिहासिक शानदार कृतियों को विश्व के आगे रखी थी।

( 9 ) भारत और अन्य देशो के लोगो साल में लगभग 10 से 11 मिलियन लोग ताजमहल को देखने आते है। साल 2007 में ताजमहल को विश्व के सात अजूबे की सूचीपत्र में स्थान मिला। ताजमहल में अतिथि गृह की भी सुविधा है। ताजमहल के दोनों बाजुओं में बगीचा भी है।

वास्तुकला और बनावट (Architecture and Design of Taj Mahal) :

( 1 ) शाहजहाँ ने ताजमहल का निर्माण की प्रेरणा प्राचीन मुग़ल परंपरा और प्राचीन इमारतों को ध्यान में रखकर मिली थी। इसमे ज्यादातर प्रेरणा उनको मुघल समय की दूसरी इमारते से भी प्रेरणा ली, जैसे की हुमायूँ का मकबरा, उतमादुल्लाह का मकबरा, जामा मस्जिद और गुर-इ-अमीर सामेल है।

( 2 ) प्राचीन मुग़ल समय में सामान्यत: इमारतो की बनावट लालबलु पत्थरो से हुआ करता था, लेकिन शाहजहाँ ने ताजमहल के लिए सफ़ेद मार्बल पत्थरो से निर्माण कार्य की ठान ली। इसीलिए ताजमहल की सौंदर्यता और शोभा को चार चाँद लग गये।

बेगम मुमताज़ महल कब्र (Begum Mumtaz Mahal Tomb in Taj Mahal) :

( 1 ) ताजमहल के मध्य विभाग में बेगम मुमताज़ की कब्र रखा गया है। जिसे बेगम मुमताज़ महल कहा जाता है। उनकी कब्र सफ़ेद मार्बल से तैयार की हुई है, और कब्र को काफी सुंदरता से सज्जित किया गया है।

( 2 ) मुस्लिम रिवाज के अनुसार कब्र की सज्जा मन की सज्जा है, इसलिए शाहजहाँ के मृत्यु के बाद उनके और मुमताज़ के नश्वर शरीर को कब्र के निचे आपेक्षिक रूप से वास्तविक कब्रों में दफनाया गया है, और उनके कब्र के मुख दाये और मक्का की तरफ रखा गया है।

( 3 ) ताजमहल में मुमताज़ महल में मुमताज की कब्र लगभग 55 मीटर में बना हुआ है। उनकी कब्र का बुनियाद और उपर का श्रुंगार रूप मूल्यवान पत्थरो और रत्नों से जड़ित है। इसके उपर किया गया सौंदर्य और सुलेखन मुमताज़ की पहचान और सराहना है। ताजमहल में शाहजहाँ के कब्र की जग्या मुमताज़ की कब्र से दक्षिण विभाग की ओर है।

( 4 ) ताजमहल के एकदम मध्य भाग में स्थित कब्र के पर वर्षा ऋतु के पहले वरसाद में पानी की बुँदे गिरती रहती है। जिसके पीछे एक बहुचर्चित प्रेम कथा की कहानी है।

( 5 ) प्रेम की यह निशानी ताजमहल को देखने के लिये लोग देश विदेशो से हर वर्ष काफी ज्यादा संख्या में आते है। दुनिया में भारत की धरती पर जगमगा रहे ताजमहल की सौन्दर्य को देखने के बाद आपको कोई भी खूबसूरत जगहो फीकी लग जाती है।

( 6 ) ताजमहल को लेकर इतिहासकारो में ऐसा भी दावा किया जाता है की जिन कलाकारों ने ताजमहल ईमारत का बनावट कार्य किया था, उन सब कारीगरों का निर्माण कार्य के बाद शाहजहाँ ने हाथ काट दिए थे।

ताजमहल के बारे में कुछ रोचक बाते (Interesting fact about Taj Mahal) :

( 1 ) इस आकर्षक ईमारत में अंदाजित कुल 24000 से भी कई ज्यादा कलाकारों ने मिलके बनाया था। इस कलाकारों में पेंटर, मजदुर और आर्टिस्ट जैसे कई कलाकार भी शामिल थे।

( 2 ) ताजमहल बनाने की लिए सामान की हेरफेर के लिये अंदाजित 1500 हाथियों का उपयोग किया था। History of the Taj Mahal

( 3 ) इतिहासकारों कहते हे की शाहजहाँ ने यमुना नदी के सामने तट पर काला पत्थरो से दूसरा ताजमहल भी बनवाने का विचार किया था। लेकिन उनके ही पुत्र औरंगज़ेब से युद्ध हुआ इसी लिए उनकी यह परियोजना का विचार ही रह गई। History of the Taj Mahal

( 4 ) इतिहासकारो कहते है की उनकी बेगम मुमताज़ की मृत्यु के बाद शाहजहाँ काफी बेचैन रहता था। इसी के बाद से शाहजहाँ की स्थिति हालत भी काफी बिगड़ रही थी। ऐसा भी कहा जाता है की शाहजहाँ अपने मृत्यु के दम तक बेगम मुमताज़ को नही भूल पाया।

( 5 ) मुग़ल सम्राट शाहजहाँ ने उनकी तीसरी और प्रिय बेगम मुमताज़ के मृत्यु के बाद उनकी याद में ताजमहल बनवाया गया था और ताजमहल बनाने में 18 साल के आसपास समय लगे थे। Taj Mahal is Sign of love of ShahJahan and Mumtaz

( 6 ) ताजमहल के चारो दिशाओ में मीनारों की छाया एक आईने जैसा प्रतिबिंब रचती है जोकि एक अलग ही दीखता है। कई आर्किटेक भी इस रहस्य को नहीं जान पाए है, और इसे लोग एक चमत्कार मानते है। History of the Taj Mahal

( 7 ) ताजमहल चारो ओर गार्डन और इमारतो के बिच घिरा हुआ है, जिसमे एक मस्जिद और अतिथि गृह भी शामिल है। ताजमहल 17 हेक्टर्स क्षेत्र के परीसर में फैला हुआ है। ताजमहल की ऊंचाई तक़रीबन 73m के आसपास है।

( 8 ) ताजमहल हरदिन भिन्न भिन्न समय में भिन्न भिन्न रंगों से दिखता है, सुबह के समय थोड़ा सा गुलाबी रंग जैसा और संध्या काल में थोड़ा सफ़ेद रंग जैसा और रात्रि में थोड़ा सा गोल्डन दीखता है। यह तात्पर्य लोगो के लिए महिलाओ के स्वभाव बदलने जैसा है।

( 9 ) ताजमहल की सारे दीवारों पहले के समय में काफी मूल्यवान रत्न से जड़ित हुआ करते थे। लेकिन भारत में साल 1857 की क्रांति में ब्रिटिश सरकार ने ताजमहल बहोत नुकसान पहोचाया था।

ताजमहल की बनावट हंमेशा लिए भारत देश को प्रशंसा और गर्व अनुभव करवा रहे है। इस ईमारत सांस्कृतिक, धार्मिक या फिर भौगोलिक सीमाओ को परे लोगो के दिलो में भावनागत और वैक्तिगक विचार कराती है। लोगो आज भी इस खूबसूरत ईमारत को शाहजहाँ और उनकी बेगम मुमताज़ के बिच प्रेम का संकेत मानते है। आज भी दुनिया के सबसे सुंदर इमारतों में ताजमहल का नाम लिया जाता है। भारत देश के आगरा शहर में स्थित ताजमहल को भारत की शान और प्यार का प्रतिक माना गया है। Sign of Love Taj Mahal

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