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मुहम्मद ग़ोरी का इतिहास | Muhammad Ghori History in Hindi

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Muhammad Ghori
Muhammad Ghori
नामसुलतान शाहबुद्दीन मुहम्मद ग़ोरी
जन्म1149
जन्मस्थानग़ोर, अफ़ग़ानिस्तान
भाईघियाथ अद-दिन
युद्धपृथ्वीराज के खिलाफ
धर्मइस्लाम

 

शूरवीर योद्धा मुहम्मद ग़ोरी (Muhammad Ghori History in Hindi) :

12वीं शताब्दी में मोहम्मद गौरी अफ़ग़ान का प्रमुख सेनापति था, बाद में 1202 में ग़ोरी वहा के राज्य के शासक भी बने थे। वह एक साहसी और बहोत हिम्मतवाला अफगान राज्य के प्रसिद्ध योद्धा थे, उन्होंने गजनी साम्राज्य के ध्वज तले गोर नाम के राज्य पर अपना अधिकार किया था। मोहम्मद गोरी को भारत के अंदर तुर्क साम्राज्य स्थापित करने का भी श्रेय मिला है। वह एक कभी नहीं हारने वाला योद्धा और सैन्य के सेनापति भी थे। Knight Warrior Muhammad Ghori

 

प्रारंभिक जीवन (Muhammad Ghori Early Life) :

मुझाददिन मुहम्मद का जन्म के समय उनका नाम शिहाबुदीन था। बाद वह मोहम्मद ग़ोरी के नाम से प्रख्यात हो गया। उनके जन्म तिथि में के लिए इतिहासकारो का अलग अलग मतभेद से लेकर आज भी तर्क है। लोग उनसे अफघानिस्तान के नाम से भी जानता है। उनके जन्म की तारीख को लेकर आज भी विवाद शुरू है। उन्होंने अपने भाई घियाधूदिन के साथ साल 1173 से लेकर 1202 तक घुरिद राज्य पर अपना शासन जमाया था। साल 1202 से लेकर 1206 तक उन्होंने घोर राज्य के मोहम्मद घुरिद का राज्य में भी शासन किया था।

 

मुहम्मद ग़ोरी का शासन (Rule of Muhammad Ghori) :

गोरी मुहम्मद घुरि राज्य के महान शासको में से एक गिने जाते है। यह राजा एशिया के पुरे दक्षिण विभाग में मुस्लिम वंश के राज्य का विसार-विस्तार करना चाहते थे। उसने बांग्लादेश, पकिस्तान, अफगानिस्तान, भारत, ईरान, तुर्कमेनिस्तान और तजाकिस्तान में अपना शासन जमाया था। Muhammad Ghori History in Hindi

साल 1173 में मुइज़ाउदिन ने गजनी के एक शहर को अपने वश में कर लिया और इसके साथ उन्होंने भारत के उत्तरी विभाग अपना विसार-विस्तार करने की सोची। तब के समय में उसकी आधा से ज्यादा संपत्ति मुहम्मद ग़जनी के पास थी। और बाद में उन्होंने अपने भाई घियाथ के लिए ख्वाराज़मियन राज्य पर कब्ज़ा करने में मदद की क्यूकी इसके जरिए वह एशिया के दक्षिण भागो में भी अपना विस्तार कर सके।

इसके बाद सेनापति के रहते हुए उन्होंने अपने भाई ग़ियासाउदीन ग़ोरी के लिए भारतीय उपखंड पर उनका साम्राज्य स्थापित किया। उन्होंने भारतीय उपखंड में साल 1176 में पहली चढ़ाई मुल्तान पर था। इसके बाद मोहम्मद ग़ौरी ने साल 1178 में गुजरात राज्य के पाटन शहर के शासक भीमद्वितीय पर चढ़ाई की परंतु वहा पर मोहम्मद गोरी को पराजित स्वाद चखना पड़ा।

इसके बाद साल 1175 में हामिद लुदी के साम्राज्य पर भी गोरी ने हमला कर दिया और उनपर कब्ज़ा किया। ईसके बाद उन्होंने साल 1186 में हाल पाकिस्तान के लाहोर शहर पर भी अपना साम्राज्य स्थापित किया। बाद में साल 1202 में सम्राट घियाथ की मृत्यु हो गई और इसके बाद मोहम्मद गोरी खुद घुरिद राज्य का राजा बना।

 

पृथ्वीराज चौहान के साथ युद्ध (Muhammad Ghori War with Prithviraj Chauhan) :

पृथ्वीराज चौहान और मोहम्मद ग़ोरी के बिच दो बार संग्राम हुआ। पहली बार साल 1191 में तराईन के मैदान पर पृथ्वीराज और ग़ोरी के बीच लड़ाई हुए तब इस पहली लड़ाई में पृथ्वीराज चौहान जित गया लेकिन इसके बाद अगले ही साल 1192 में द्वितीय युद्ध में मुहम्मद गोरी की जित हुआ और पृथ्वीराज की हार हुए। Muhammad Ghori History in Hindi

मोहम्मद ग़ोरी एक बहोत साहसी और महत्वाकांशी व्यक्ति था। और उनका उदेश्य महमूद गजनी के जैसे ही भारत के पर चढ़ाई करना तो था ही लेकिन उनका हेतु गजनी से कुछ भिन्न था। उनका उदेश्य लूट करने के साथ भारत देश में इस्लामिक साम्राज्य की स्थापना करने की थी। उस समय भारत के पश्चिम से आसपास का क्षेत्र पर मुस्लिमों का साम्राज्य था, भारत के इस क्षेत्र के शिवाय सब क्षेत्र महमूद गजनी के वंशजो का साम्राज्य था।

भारत में मुहम्मद ग़ोरी जैसे कई राजाओ हो गए, जैसे सम्राट अशोक, पृथ्वीराज चौहान, मुगल सम्राट अकबर, महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी और पेशवा बाजीराव जिसने उनके क्षेत्र का बहोत विस्तार किया था और एक महान राजा का छाप छोड़ गए।

 

मृत्यु (Muhammad Ghori Death) :

साल 1206 में हाल पकिस्तान विस्तार के झेलम क्षेत्र में नदी के तट पर खोखर नाम के जाट समुदाय के लोगो पर किये गए हमलो का बदला लेने के लिए उन समुदायों ने मुहम्मद गोरी को मार डाला। उसकी मृत्यु के बाद भारतीय विस्तार पर उसके साम्राज्य को उसके सेवक कुतुबुद्दीन ऐबक ने दिल्ली में साम्राज्य स्थापित करके गोरी का साम्राज्य आगे बढ़ाया और विस्तार भी किया। Muhammad Ghori Biography in Hindi

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